होली से पहले बदला मिजाज, आज देश के 18 राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट; जानें आपके शहर का हाल
India News Live,Digital Desk : मार्च के आखिरी हफ्ते में कुदरत ने करवट बदल ली है। भीषण गर्मी की आहट के बीच पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक मौसम सुहावना हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक, आज देश के लगभग 18 राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक और झमाझम बारिश की संभावना है। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में फुहारों ने तापमान को सामान्य से नीचे ला दिया है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश का दौर
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ हिमपात (Snowfall) जारी रहने का अनुमान है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इन क्षेत्रों में बर्फीली हवाएं चल सकती हैं, जिसका असर मैदानी इलाकों की ठंडक पर भी पड़ेगा।
इन राज्यों में दिखेगा मौसम का रौद्र रूप
मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण तक बारिश का अलर्ट जारी किया है:
उत्तर भारत: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में 26 से 29 मार्च के बीच गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
पूर्वोत्तर राज्य: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड और मणिपुर में भारी बारिश का अनुमान है।
पूर्वी और मध्य भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत: तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में भी बादलों की आवाजाही के साथ हल्की वर्षा की उम्मीद है।
दिल्ली-NCR और यूपी में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी दिल्ली में फिलहाल सुबह और रात की हल्की ठंड बरकरार है।
दिल्ली: 26 मार्च के आसपास दिल्ली-एनसीआर में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। 29 मार्च को एक और सिस्टम सक्रिय होने से मौसम फिर बदल सकता है।
उत्तर प्रदेश: यूपी के पश्चिमी हिस्सों में 26 से 29 मार्च के दौरान बूंदाबांदी की संभावना है। वर्तमान में यहाँ दिन का तापमान 28-30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
अप्रैल के मध्य तक गर्मी से राहत
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि बार-बार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण इस साल अप्रैल के मध्य तक लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलती रहेगी। धूल भरी आंधियों और ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।