हरदोई में SDM पर जानलेवा हमला: मायावती ने कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल, सरकार से की सख्त कार्रवाई की मांग
हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सरकारी निरीक्षण के दौरान शाहाबाद के उपजिलाधिकारी (SDM) सुशील मिश्रा और उनकी राजस्व टीम पर हुए जानलेवा हमले को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ तत्काल और कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
मायावती का तीखा हमला: 'अराजक तत्वों से प्रदेश को बचाना जरूरी'
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए सीधे प्रदेश की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने लिखा, 'यूपी की राजधानी लखनऊ के पड़ोसी जिले हरदोई में दबंगों ने सरकारी निरीक्षण कर रहे एसडीएम सुशील मिश्रा पर ईंट और पत्थरों से जानलेवा हमला किया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह घटना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।'
मायावती ने आगे कहा कि ऐसी दुस्साहसिक घटनाओं की रोकथाम बेहद जरूरी है, ताकि सरकारी कार्यों में कथित भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के साथ-साथ प्रदेश को अराजक तत्वों से सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि व्यापक जनहित को देखते हुए इस मामले की ओर समुचित ध्यान दिया जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
राशन कोटे की दुकान पर जांच के दौरान भड़का विवाद, हुआ भारी पथराव
यह पूरी घटना हरदोई के शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के परियल गांव की है। सोमवार दोपहर बाद एसडीएम सुशील मिश्रा अपनी राजस्व टीम के साथ गर्रा नदी की बाढ़ से बचाव के इंतजामों का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान कुछ ग्रामीणों ने स्थानीय राशन कोटेदार द्वारा राशन वितरण में धांधली की शिकायत की। शिकायत का संज्ञान लेते हुए शाम करीब पांच बजे एसडीएम अपनी टीम के साथ कोटेदार की दुकान पर जांच के लिए पहुंच गए।
जांच के दौरान कोटेदार और राजस्व टीम के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि कोटेदार के चाचा एक जिला पंचायत सदस्य हैं। देखते ही देखते विवाद इतना उग्र हो गया कि कोटेदार के समर्थक ग्रामीणों और दबंगों ने पूरी सरकारी टीम को घेरकर पथराव शुरू कर दिया। इस अचानक हुए हमले में सिर पर पत्थर लगने से एसडीएम सुशील मिश्रा लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े।
प्रशासन अलर्ट: दोषियों को चिह्नित कर दर्ज होगी एफआईआर
हमले के तुरंत बाद घायल एसडीएम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शाहाबाद ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) अनुनय झा ने एडीएम न्यायिक प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी को भारी पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा है। सीओ आलोक नारायण राज ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण और राशन दुकान की जांच के दौरान कुछ अराजक तत्वों ने इस कायराना हरकत को अंजाम दिया है। पुलिस को तहरीर मिलते ही आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जाएगी।