फिटमेंट फैक्टर पर केंद्रीय कर्मचारियों को लग सकता है झटका! जानें क्या है 8वें वेतन आयोग का पूरा प्लान
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। देश के लगभग 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स के वेतन व पेंशन संशोधन के लिए गठित 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपने की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में आयोग लगातार विभिन्न कर्मचारी संगठनों और हितधारकों (Stakeholders) के साथ बैठकें कर रहा है। इन बैठकों में सबसे बड़ा मुद्दा 'फिटमेंट फैक्टर' को लेकर गरमाया हुआ है। जहां कर्मचारी संगठन एक बड़े उछाल की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार कर्मचारियों की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है और फिटमेंट फैक्टर पर कोई बड़ा सरप्राइज मिलने की उम्मीद बेहद कम है।
कर्मचारियों की मांग बनाम विशेषज्ञों का अनुमान: 2.64 के आसपास लग सकती है मुहर
फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) वह बुनियादी गुणक (Multiplier) होता है, जिसके आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों के मूल वेतन (Basic Pay) और पेंशनर्स की पेंशन में संशोधन कर उसे बढ़ाया जाता है।
7वें वेतन आयोग में सरकार ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया था। वर्तमान में 8वें वेतन आयोग के सामने कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 3 से 5 या उससे भी अधिक करने की पुरजोर वकालत की है। हालांकि, पेंशन और वित्तीय मामलों के जानकारों का कहना है कि देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ को देखते हुए इतना बड़ा गुणांक व्यावहारिक नहीं लगता। विशेषज्ञों के अनुसार, आयोग 2.64 के आसपास का फिटमेंट फैक्टर सुझाने का मन बना रहा है, जो कर्मचारियों की उम्मीदों से काफी कम है।
यदि 2.64 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ, तो कितनी बढ़ेगी सैलरी?
भले ही 2.64 का यह संभावित फिटमेंट फैक्टर कर्मचारियों की मांग से कम नजर आ रहा हो, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों की इन हैंड सैलरी और बेसिक पे में एक अच्छा-खासा इजाफा देखने को मिलेगा। आइए इसे एक गणितीय उदाहरण से समझते हैं:
मान लीजिए मौजूदा बेसिक पे: ₹20,000
संभावित फिटमेंट फैक्टर (2.64) के बाद नई बेसिक पे: ₹52,800
प्रभावी वेतन वृद्धि: विशेषज्ञों का अनुमान है कि वर्तमान में 60% महंगाई भत्ता (DA) प्राप्त कर रहे कर्मचारियों की पूरी वेतन संरचना (Salary Structure) बदल जाएगी, जिससे उनके कुल वेतन में 15 से 25 प्रतिशत तक की प्रभावी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
15 जून 2026 तक बढ़ी समय सीमा; जानें कब लागू होंगी सिफारिशें
8वें वेतन आयोग को अपनी पूरी रिपोर्ट और सिफारिशों का अंतिम ड्राफ्ट तैयार करने के लिए सरकार की तरफ से 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग ने हाल ही में विभिन्न संगठनों से ज्ञापन (Memorandum) प्राप्त करने की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दिया है।
सिफारिशें सौंपने की संभावित तारीख: उम्मीद जताई जा रही है कि आयोग जून या जुलाई 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप सकता है।
बैकडेट से मिलेगा फायदा: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये सिफारिशें जमीनी स्तर पर भले ही कभी भी मंजूर हों, लेकिन इन्हें बैकडेट यानी 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा।
बढ़ेगा एरियर का बोझ: यदि सरकार द्वारा इस रिपोर्ट को स्वीकार करने और लागू करने में अधिक देरी होती है, तो कर्मचारियों और पेंशनरों के खाते में आने वाली एरियर (Arrears) की राशि का वित्तीय बोझ सरकार पर उतना ही ज्यादा बढ़ जाएगा।