NEET-UG पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: फिजिक्स के सवाल लीक करने वाली मनीषा हवालदार CBI की गिरफ्त में
India News Live,Digital Desk : नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले में सीबीआई को बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसी ने फिजिक्स के प्रश्नपत्र लीक करने की मास्टरमाइंड मनीषा संजय हवालदार को पुणे से गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या 11 पहुंच गई है।
कौन है मनीषा संजय हवालदार?
आरोपी मनीषा हवालदार पुणे के सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला में कार्यरत है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उसे परीक्षा संचालन से जुड़े विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त किया था। इस जिम्मेदारी का फायदा उठाते हुए उसे फिजिक्स के प्रश्नपत्र तक सीधी पहुंच प्राप्त थी। सीबीआई का मानना है कि उसने पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा मठारे के साथ मिलकर एक संगठित साजिश के तहत परीक्षा से पहले ही प्रश्न लीक कर दिए थे। जांच में यह पुष्टि हुई है कि लीक किए गए सवाल पूरी तरह से नीट परीक्षा में पूछे गए वास्तविक प्रश्नों से मेल खाते थे।
अब तक का दायरा
सीबीआई की तफ्तीश अब दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर तक फैल चुकी है। एजेंसी इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेपर लीक मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि 22 लाख छात्रों को जो मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी, उसे सरकार बखूबी समझती है। उन्होंने कहा:
कड़े फैसले: सरकार को व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कुछ कड़े फैसले लेने पड़े।
परीक्षा माफिया पर प्रहार: सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि किसी भी योग्य अभ्यर्थी को 'परीक्षा माफिया' की साजिश के कारण उसकी सीट से वंचित न होना पड़े।
दोबारा परीक्षा: रद की गई नीट-यूजी परीक्षा अब 21 जून को आयोजित होगी, जिसके लिए सरकार ने शत-प्रतिशत त्रुटिरहित (error-free) आयोजन का संकल्प लिया है।
3 मई को आयोजित हुई नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ियों और प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद NTA ने परीक्षा रद करने का निर्णय लिया था। अब सीबीआई पूरे मामले की सघन जांच कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को पूरी तरह से रोका जा सके।