'कॉकरोच जनता पार्टी' का डिजिटल रण: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू किया बड़ा अभियान

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India News Live,Digital Desk : भारत में सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) अब पूरी तरह से आक्रामक मोड में है। मूल अकाउंट पर प्रतिबंध झेलने के बाद, "कॉकरोच कभी मरता नहीं है" की टैगलाइन के साथ वापसी करते हुए, इस डिजिटल दल ने मोदी सरकार के खिलाफ अपना पहला बड़ा मोर्चा खोल दिया है। CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया है।

नीट-यूजी विवाद पर केंद्रित है 'मिशन इस्तीफा'

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को इस अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि अब केवल सोशल मीडिया पर मजे करने का समय नहीं, बल्कि व्यवस्था को जवाबदेह बनाने का समय है। इस अभियान का मुख्य फोकस नीट-यूजी 2026 पेपर-लीक विवाद और उससे जुड़ी प्रणालीगत विफलताओं पर है।

दीपके ने अपने वीडियो संदेश में कहा, "व्यवस्था की गलती के कारण 22 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है। इस विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान को पद से इस्तीफा देना ही होगा।" पार्टी ने समर्थकों से ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने का भी आग्रह किया है।

सरकारी कार्रवाई बनाम 'कॉकरोच की वापसी'

'एक्स' (ट्विटर) द्वारा भारत में मूल सीजेपी हैंडल को ब्लॉक किए जाने के बाद, संस्थापक अभिजीत दीपके ने तुरंत "कॉकरोच इज बैक" (Cockroach Is Back) नाम से नया हैंडल लॉन्च किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके अकाउंट को पहले हैक करने की कोशिश की गई और बाद में बंद कर दिया गया। हालांकि, दीपके का दावा है कि सरकार का यह दांव उलटा पड़ गया है, क्योंकि उनके नए अकाउंट पर भी महज 24 घंटों के भीतर 1.65 लाख से अधिक फॉलोअर्स जुड़ चुके हैं।

डिजिटल लोकप्रियता का नया पैमाना

कॉकरोच जनता पार्टी की सोशल मीडिया पहुंच अब मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों के लिए भी चिंता का विषय बनती जा रही है:

इंस्टाग्राम पर वर्चस्व: CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट पर फॉलोअर्स की संख्या 2.05 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है, जो भाजपा (91 लाख) और कांग्रेस (1.34 करोड़) जैसी स्थापित पार्टियों से कहीं अधिक है।

डिजिटल विरोध का माध्यम: यह पार्टी युवाओं के असंतोष को एक व्यंग्यात्मक लेकिन प्रभावी मंच दे रही है, जिसे अब राजनीतिक हस्तियां भी नजरअंदाज नहीं कर पा रही हैं।

अभियान के दौरान अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी मांग पर अडिग हैं। नीट-यूजी परीक्षा के 21 जून को फिर से आयोजित होने से पहले, 'कॉकरोच जनता पार्टी' का यह इस्तीफा अभियान शिक्षा मंत्रालय के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। अब देखना यह होगा कि यह डिजिटल याचिका जमीन पर कितना प्रभाव डालती है और सरकार इस युवा आक्रोश का क्या जवाब देती है।