Mamata-BJP clash amid ED raids : क्या बंगाल की राजनीति बदलने वाला है यह क्षण
India News Live,Digital Desk : पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों फिर se सुर्खियों में है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर केंद्रीय एजेंसी के साथ हुई घटना को लेकर एक तीखा आरोप लगाया है और कहा है कि “जो कुछ बंगाल में हुआ है, वह आज़ाद भारत में पहले कभी नहीं हुआ।” भाजपा का कहना है कि ममता बनर्जी ने आई-पैक (I-PAC) के प्रमुख के घर और कार्यालय पर ईडी (Enforcement Directorate) की छापेमारी के दौरान कार्रवाई में बाधा डाली और एजेंसी के अधिकारियों को धमकाया। भाजपा नेताओं ने इस कार्रवाई को गैर-संवैधानिक, असंसदीय और लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता रवि शंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ममता बनर्जी द्वारा ईडी की जाँच में हस्तक्षेप करना आज़ाद भारत के इतिहास में अनोखा मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मुख्यमंत्री द्वारा निजी संपत्ति में चल रही जांच में हस्तक्षेप करना, कागजात लेकर जाना और एजेंसी को धमकाना देखा नहीं गया। इसमें उन्होंने इसे संवैधानिक प्रक्रिया का उल्लंघन बताया।
भाजपा के पूर्व वरिष्ठ नेताओं ने यह भी कहा कि इस तरह की घटना ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और जाँच एजेंसियों के बीच चल रहे संतुलन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके मुताबिक, बंगाल जैसी बड़ी राज्य में मुख्यमंत्री का ऐसा व्यवहार स्वतंत्र जांच के दृश्य पर असामान्य है और इससे राजनीतिक नीचे-ऊपर बढ़ी है।
दूसरी ओर, ममता बनर्जी और उनकी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC), ने इन आरोपों का कड़ा विरोध किया है। वे खुद को राजनीतिक उत्पीड़न का शिकार बता रही हैं और आरोप लगा रही हैं कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल उनके खिलाफ किया जा रहा है ताकि bengal में चुनावी माहौल प्रभावित हो सके। TMC ने कहा है कि वे इस विरोध को फिर से सड़क पर ले जाएंगे और लोगों से समर्थन मांगेंगे।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह विवाद अब 2026 के बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले की सियासी लड़ाई का हिस्सा बनता जा रहा है। बंगाल में सत्ता के समीकरण, केंद्रीय एजेंसियों की गतिविधियाँ और विपक्ष-सत्ताधारी का टकराव चुनावी राजनीति में गहरा असर डाल सकते हैं।