RAM और ROM में बड़ा अंतर: फोन स्विच ऑफ होते ही कौन-सी मेमोरी खो देती है सारा डेटा?
स्मार्टफोन या लैपटॉप खरीदते समय जो दो शब्द सबसे पहले सुनने को मिलते हैं, वे हैं RAM (रैंडम एक्सेस मेमोरी) और ROM (रीड ओनली मेमोरी/इंटरनल स्टोरेज)। अक्सर लोग इन्हें सिर्फ 'स्पीड' और 'स्टोरेज' के चश्मे से देखते हैं, लेकिन दोनों का तकनीकी काम करने का तरीका और मेमोरी का स्वभाव एक-दूसरे से बिल्कुल उलट है। जब आप अपने फोन को स्विच ऑफ (बंद) या रीस्टार्ट करते हैं, तो इनमें से एक मेमोरी का सारा डेटा पलक झपकते ही पूरी तरह गायब हो जाता है, जबकि दूसरी मेमोरी सालों-साल डेटा को सुरक्षित रखती है।
फोन बंद होते ही सब कौन भूल जाती है?
फोन या कंप्यूटर बंद होते ही सारा डेटा RAM (रैंडम एक्सेस मेमोरी) भूल जाती है।
तकनीकी भाषा में RAM एक 'वोलेटाइल मेमोरी' (Volatile Memory - अस्थायी मेमोरी) है। इसका मतलब यह है कि RAM को अपने भीतर डेटा बनाए रखने के लिए लगातार विद्युत आपूर्ति (Power Supply) की जरूरत होती है। जैसे ही फोन स्विच ऑफ होता है या बैटरी खत्म होती है, RAM की चिप में मौजूद सारा डेटा शून्य (फ्लश) हो जाता है। यही कारण है कि जब आप फोन को दोबारा ऑन करते हैं, तो कोई भी ऐप बैकग्राउंड में पहले वाली स्थिति में खुला हुआ नहीं मिलता, बल्कि सब कुछ नए सिरे से लोड होता है।
दूसरी ओर, ROM या इंटरनल स्टोरेज एक 'नॉन-वोलेटाइल मेमोरी' (Non-Volatile Memory - स्थायी मेमोरी) है। फोन बंद हो जाए, बैटरी निकल जाए या फोन सालों तक बंद पड़ा रहे, इसमें मौजूद फोटो, वीडियो, गाने, दस्तावेज और ऑपरेटिंग सिस्टम की फाइलें कभी डिलीट नहीं होतीं।
RAM और ROM में मुख्य अंतर
| विशेषता | RAM (Random Access Memory) | ROM / Internal Storage (Read Only Memory) |
|---|---|---|
| प्रकृति (Nature) | वोलेटाइल (अस्थायी) – बिजली जाते ही डेटा खत्म | नॉन-वोलेटाइल (स्थायी) – बिजली कटने पर भी डेटा सुरक्षित |
| मुख्य कार्य | वर्तमान में चल रहे ऐप्स और प्रोसेस को तुरंत डेटा देना | फोटो, वीडियो, ऐप्स और ऑपरेटिंग सिस्टम को स्टोर रखना |
| गति (Speed) | अत्यंत तेज (सुपरफास्ट रीड/राइट स्पीड) | RAM की तुलना में धीमी |
| क्षमता (स्मार्टफोन में) | सामान्यतः 4GB, 6GB, 8GB, 12GB या 16GB | सामान्यतः 64GB, 128GB, 256GB या 512GB |
| कीमत | प्रति जीबी लागत बहुत अधिक होती है | प्रति जीबी लागत RAM से काफी कम होती है |
| ऑपरेशन | रीड और राइट (लिखना और पढ़ना) दोनों बहुत तेजी से | मुख्य रूप से लंबे समय तक डेटा सुरक्षित रखने के लिए |
आसान उदाहरण से समझें दोनों का काम
RAM (काम करने की टेबल): कल्पना कीजिए कि आप एक स्टडी टेबल पर बैठकर काम कर रहे हैं। टेबल पर वही किताबें और कॉपियां खुली हैं जिनकी आपको अभी इसी वक्त जरूरत है। यदि टेबल बड़ी होगी (यानी 8GB या 12GB RAM), तो आप एक साथ कई किताबें खोलकर रख सकते हैं और बिना रुके तेजी से काम कर सकते हैं। लेकिन दिन खत्म होने पर टेबल पूरी खाली कर दी जाती है।
ROM (किताबों की अलमारी): यह आपकी बंद अलमारी है। इसमें आपकी सारी किताबें, पुरानी कॉपियां और फाइलें हमेशा सुरक्षित रखी रहती हैं। जब आपको किसी किताब की जरूरत होती है, तो आप अलमारी (ROM) से उसे निकालते हैं और टेबल (RAM) पर रखकर पढ़ते हैं।
जब भी आप फोन में कोई गेम या ऐप खोलते हैं, तो वह इंस्टॉल ROM में रहता है, लेकिन चलने के लिए RAM में लोड होता है। यही वजह है कि ज्यादा RAM होने से फोन मल्टीटास्किंग के दौरान हैंग नहीं होता।