Magh Mauni Amavasya 2026 : तिथि को लेकर भ्रम क्यों और सही दिन कौन-सा
India News Live,Digital Desk : सनातन धर्म में मौनी अमावस्या को विशेष आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है। यह दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर शिव और विष्णु जी की पूजा करते हैं। साथ ही पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य का भी विधान है। मौनी अमावस्या पर मौन रहकर साधना करना भी शुभ माना जाता है।
इस वर्ष माघ माह की अमावस्या को लेकर लोगों के मन में असमंजस बना हुआ है, क्योंकि इससे एक दिन पहले मासिक शिवरात्रि भी पड़ रही है। ऐसे में सवाल यह है कि मौनी अमावस्या 17 जनवरी को मनाई जाए या 18 जनवरी को? आइए, पंचांग के आधार पर इसे सरल भाषा में समझते हैं।
माघ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि
वैदिक पंचांग के अनुसार,
15 जनवरी (गुरुवार) को रात 08:17 बजे से माघ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि शुरू होगी।
इस तिथि का समापन 16 जनवरी को रात 10:21 बजे होगा।
त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। इसी कारण 16 जनवरी को प्रदोष व्रत रखा जाएगा।
माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी और मासिक शिवरात्रि
पंचांग के अनुसार,
16 जनवरी (शुक्रवार) को रात 10:21 बजे से कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी।
इसका समापन 18 जनवरी को रात 12:03 बजे होगा।
हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। चूंकि चतुर्दशी तिथि 16 जनवरी की रात से शुरू हो रही है, इसलिए मासिक शिवरात्रि 16 जनवरी को ही मनाई जाएगी। इस दिन निशा काल में भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा की जाती है।
मौनी अमावस्या कब मनाना सही रहेगा?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार,
17 जनवरी (शनिवार) को चतुर्दशी तिथि बनी रहेगी, जो 18 जनवरी की रात तक समाप्त होगी। इस कारण 17 जनवरी को अमावस्या का पूर्ण प्रभाव नहीं माना जाएगा।
उदयातिथि के आधार पर मौनी अमावस्या रविवार, 18 जनवरी को मनाना अधिक श्रेष्ठ माना गया है। इसी दिन स्नान-दान, श्राद्ध, तर्पण और मौन साधना का फल पूर्ण रूप से प्राप्त होगा।
मौनी अमावस्या पर बनने वाले शुभ योग
इस वर्ष मौनी अमावस्या पर हर्षण योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और शिववास योग जैसे कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इन योगों में पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण करने से उन्हें शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही साधक पर पितरों की कृपा बनी रहती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।