CM Yogi Issues Strict Directives to Ministers : 'कार्यकर्ताओं की बात सुनें और समस्याओं का तुरंत करें समाधान'; संघ के साथ बैठक के बाद एक्शन मोड में मुख्यमंत्री

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कैबिनेट बैठक के बाद अपने मंत्रियों के साथ एक विशेष चर्चा की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल और कार्यकर्ताओं की शिकायतों का निस्तारण रहा। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि मंत्री अपने व्यवहार में संवेदनशीलता लाएं और पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करें।

संघ और संगठन के फीडबैक पर सीएम का एक्शन

हाल ही में भाजपा के छह सांगठनिक क्षेत्रों में आरएसएस (RSS) पदाधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बैठकें हुई थीं। इस फीडबैक में कुछ गंभीर बातें सामने आई थीं:

मंत्रियों का व्यवहार: कार्यकर्ताओं ने कुछ मंत्रियों के व्यवहार और उनकी शिकायतों की अनदेखी किए जाने पर नाराजगी जताई थी।

संवाद की कमी: जमीनी स्तर के पदाधिकारियों और सरकार के बीच संवाद का अभाव पाया गया।

इसी के मद्देनजर सीएम योगी ने मंत्रियों को निर्देशित किया कि वे कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करें।

प्रभारी मंत्रियों के लिए नई गाइडलाइंस

मुख्यमंत्री ने जिलों के प्रभारी मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं:

नियमित दौरा: प्रभारी मंत्री अपने आवंटित जिलों का नियमित दौरा करें।

ब्लॉक स्तर तक संवाद: केवल जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि मंडल और ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं से भी मिलें।

तत्काल समाधान: समस्याओं का मौके पर निस्तारण करें। यदि देरी हो, तो अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश दें।

जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष नजर

बैठक में सीएम ने वर्तमान में चल रहे कुछ संकटों पर भी चर्चा की और मंत्रियों को निगरानी के निर्देश दिए:

गैस सिलेंडर आपूर्ति: पश्चिम एशिया के हालातों के चलते एलपीजी (LPG) की संभावित कमी को देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था की कड़ी निगरानी करने को कहा गया है।

खाद की उपलब्धता: किसानों को खाद की कमी न हो, इसके लिए समय रहते आकलन और आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मतदाता पुनरीक्षण (SIR): 10 अप्रैल तक चलने वाले विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान में तेजी लाने को कहा गया है ताकि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए।

बजट खर्च की रफ्तार बढ़ाने का अल्टीमेटम

मुख्यमंत्री ने विभागों की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठाई। उन्होंने निर्देश दिया कि:

शुरुआती 6 महीने में अधिकतम खर्च: वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों में ही बजट का बड़ा हिस्सा विकास कार्यों पर खर्च किया जाए।

80% का लक्ष्य: किसी भी विभाग में बजट उपयोग 80 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए। जिन विभागों की रफ्तार धीमी है, उन्हें कार्ययोजना में सुधार करने को कहा गया है।