बिजली की बचत या खर्च? जानें 1000 वाट का इलेक्ट्रिक स्टोव 1 घंटे में कितनी यूनिट बिजली खाता है, यहाँ देखें पूरी गणना

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India News Live,Digital Desk : बढ़ती महंगाई और एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत के बीच अब रसोई का बजट संभालने के लिए लोग इलेक्ट्रिक स्टोव और चारकोल बर्नर का रुख कर रहे हैं। बाजार में इंडक्शन और इंफ्रारेड स्टोव के साथ-साथ 'इलेक्ट्रिक कोयला बर्नर' भी काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या बिजली से खाना पकाना गैस के मुकाबले सस्ता है? अगर आप 1000 वाट का स्टोव इस्तेमाल करते हैं, तो एक घंटे में आपकी जेब पर कितना बोझ पड़ेगा? आइए आसान गणित से समझते हैं।

ऐसे होती है बिजली की खपत की गणना

बिजली की खपत को मापने की इकाई 'यूनिट' होती है, जिसे तकनीकी भाषा में किलोवाट-घंटा (kWh) कहा जाता है।

सूत्र:

$$ऊर्जा (Units) = \frac{शक्ति (Watts) \times समय (Hours)}{1000}$$

यदि आप 1000 वाट का इलेक्ट्रिक स्टोव लगातार 1 घंटे तक चलाते हैं, तो गणना कुछ इस प्रकार होगी:

शक्ति: 1000 वाट

समय: 1 घंटा

गणना:

$$\frac{1000 \times 1}{1000} = 1 \text{ Unit}$$

इसका मतलब है कि 1000 वाट का स्टोव एक घंटे में ठीक 1 यूनिट बिजली खर्च करता है।

आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर?

बिजली के बिल का खर्च आपके राज्य और क्षेत्र की बिजली दरों पर निर्भर करता है।

यदि आपके क्षेत्र में बिजली की दर ₹8 प्रति यूनिट है, तो 1 घंटे स्टोव चलाने का खर्च ₹8 आएगा।

यदि आप रोजाना 2 घंटे इसका इस्तेमाल करते हैं, तो महीने का खर्च लगभग ₹480 ($2 \times 30 \times 8$) होगा।

क्या यह एलपीजी से सस्ता है?

इलेक्ट्रिक चारकोल बर्नर की खासियत यह है कि इसमें कोयला 5 से 7 मिनट में पूरी तरह गर्म हो जाता है। एक बार कोयला दहक जाए, तो आप स्टोव को बंद कर सकते हैं और कोयले की गर्मी से खाना पकता रहता है। इस लिहाज से आपको लगातार एक घंटे बिजली खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही, इंडक्शन के विपरीत इस पर किसी भी धातु के बर्तन का उपयोग किया जा सकता है, जो इसे और भी सुविधाजनक बनाता है।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

बिजली की खपत स्टोव के बर्नर के आकार और तापमान सेटिंग पर भी निर्भर करती है।

बड़ा बर्नर: अगर स्टोव 1500 या 2000 वाट का है, तो वह एक घंटे में 1.5 से 2 यूनिट तक बिजली खर्च कर सकता है।

ऑटो-कट फीचर: आधुनिक इंफ्रारेड या इंडक्शन स्टोव में ऑटो-कट की सुविधा होती है, जो निश्चित तापमान पर पहुँचने के बाद बिजली की खपत रोक देते हैं, जिससे बिल कम आता है।

हल्का वजन, धुआं रहित खाना और कम कीमत होने के कारण इलेक्ट्रिक स्टोव आज के समय में एक स्मार्ट विकल्प बनकर उभरा है। बस जरूरत है तो सही वाट क्षमता और सही इस्तेमाल के तरीके को समझने की।