पाकिस्तान में हाहाकार 'तेल स्टॉक जीरो' होने की कगार पर, भारत के अभेद्य ऑयल रिजर्व को देख बुरी तरह किलसा पड़ोसी देश

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India News Live,Digital Desk : ईरान-अमेरिका युद्ध की आंच अब पाकिस्तान की रसोई और सड़कों तक पहुँच गई है। कंगाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान में अब 'तेल संकट' ने कोहराम मचा दिया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि पाकिस्तानी पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने खुद कैमरे के सामने कुबूल किया है कि उनके पास भारत की तरह कोई रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Oil Reserve) नहीं है और देश महज कुछ ही दिनों के ईंधन पर टिका है।

पाकिस्तान के पास सिर्फ 7 दिन का तेल, मंत्री ने मानी नाकामी

एक टीवी इंटरव्यू के दौरान पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा, "हमारे पास कोई सरकारी रिजर्व नहीं है। हम सिर्फ कमर्शियल रिजर्व के भरोसे हैं। रिफाइनरियों के पास केवल 5 से 7 दिन का कच्चा तेल बचा है।" उन्होंने भारत से अपनी तुलना करते हुए कहा कि भारत के पास 60 से 70 दिनों का बैकअप प्लान है, जिसे एक झटके में इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि पाकिस्तान के पास ऐसा कोई विकल्प मौजूद नहीं है।

भारत के 600 अरब डॉलर के खजाने और 'फिसकल स्पेस' से जलन

पाकिस्तानी मंत्री ने अपनी बर्बादी के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की शर्तों और भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि भारत के पास न केवल 600 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है, बल्कि उनके पास 'फिसकल स्पेस' भी है। यही वजह है कि जब वैश्विक बाजार में तेल 126 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँचा, तो भारत ने टैक्स घटाकर अपनी जनता को राहत दी, जबकि पाकिस्तान IMF के दबाव में ऐसा नहीं कर पाया।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से बढ़ी मुसीबत

ईरान युद्ध के चलते दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' बाधित हो गया है। इसके कारण कच्चे तेल की कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर पर हैं। पाकिस्तान, जो पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबा है, अब तेल आयात करने की स्थिति में भी नहीं है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी माना है कि इस युद्ध ने पाकिस्तान को बर्बादी की कगार पर पहुँचा दिया है और देश पर तेल का कर्ज दोगुना हो गया है।

भारत में क्यों नहीं बढ़ी कीमतें?

एक तरफ पाकिस्तान में तेल के लिए मारामारी मची है और पेट्रोल की राशनिंग की जा रही है, वहीं भारत ने अपनी कूटनीति और दूरदर्शिता से खुद को सुरक्षित रखा है। भारत ने न केवल एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती की, बल्कि रूस जैसे मित्र देशों से सस्ता तेल खरीदकर अपने भंडार को भर लिया। भारत की इसी 'एनर्जी सिक्योरिटी' को देखकर पाकिस्तान अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।