'हम मैच को जल्दी खत्म करना चाहते थे': गॉल टेस्ट के 5वें दिन टीम इंडिया की आक्रामक रणनीति पर केएल राहुल का बड़ा खुलासा
भारत और श्रीलंका के बीच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया पहला टेस्ट मैच भारतीय टीम के दबदबे और युवा खिलाड़ियों के ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए याद किया जाएगा। 372 रनों के लक्ष्य के सामने मेजबान श्रीलंकाई टीम पांचवें दिन दूसरी पारी में 206 रनों पर ढेर हो गई और भारत ने 165 रनों से विशाल जीत दर्ज करके दो मैचों की सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस मुकाबले के समाप्त होने के बाद भारतीय टीम के अनुभवी मध्यक्रम बल्लेबाज केएल राहुल ने पांचवें दिन टीम इंडिया की सोच, रणनीति और ड्रेसिंग रूम के माहौल को लेकर एक बड़ा और दिलचस्प खुलासा किया है। राहुल ने साफ किया कि पांचवें दिन भारतीय खेमा मैच को आखिरी सत्र या अंतिम ओवरों तक खींचने के मूड में बिल्कुल नहीं था, बल्कि रणनीति यही थी कि बिना समय गंवाए श्रीलंका की पारी को जल्द से जल्द समेट दिया जाए।
गॉल का मौसम और बारिश का डर: राहुल ने बताई जल्दी मैच खत्म करने की असली वजह
मैच के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए केएल राहुल ने पांचवें दिन की शुरुआत में टीम की सोच को साझा किया। राहुल ने कहा, "गॉल में मौसम कब करवट बदल ले, इसका कोई भरोसा नहीं होता। तटीय इलाका होने के कारण यहां दोपहर बाद या चायकाल के आसपास अचानक तेज बारिश आने का हमेशा खतरा रहता है। ड्रेसिंग रूम में हमारी सीधी और स्पष्ट बात यही थी कि हमें मैच को 5वें दिन के आखिरी सेशन तक नहीं ले जाना है। हम जितनी जल्दी हो सके, मैच को खत्म करना चाहते थे ताकि किसी भी संभावित मौसमी रुकावट या बारिश के कारण हमारी जीती हुई बाजी ड्रॉ में न बदल जाए।"
राहुल ने स्वीकार किया कि टेस्ट क्रिकेट में 372 रन का लक्ष्य सुरक्षित दिखने के बावजूद गॉल की परिस्थितियों में कोई भी टीम रिस्क नहीं लेना चाहती। भारतीय गेंदबाजों और फील्डर्स को साफ निर्देश थे कि पहले ही सत्र से श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर निरंतर दबाव बनाकर उन्हें गलतियां करने पर मजबूर किया जाए।
डिसिल्वा-दिनुशा की साझेदारी से बढ़ी थी चिंता, लंच के बाद बदली रणनीति
पांचवें दिन सुबह के सत्र में जब श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा (59) और पहली पारी के शतकवीर सोनल दिनुशा (84) ने पांचवें विकेट के लिए 95 रनों की जुझारू साझेदारी करके मैच को खींचने की कोशिश की, तो भारतीय खेमे में थोड़ी देर के लिए चिंता जरूर बढ़ी थी।
इस पर बात करते हुए केएल राहुल ने कहा, "टेस्ट क्रिकेट में विपक्षी टीम भी लड़ने आती है। डिसिल्वा और दिनुशा ने सुबह के सत्र में बहुत अनुशासन के साथ बल्लेबाजी की और अच्छी गेंदों को सम्मान दिया। उस वक्त एक छोर से रन रोकना और बल्लेबाजों का धैर्य परखना ही एकमात्र विकल्प था। लंच के दौरान हमने बात की कि हमें केवल एक ब्रेकथ्रू (विकेट) की जरूरत है और उसके बाद श्रीलंकाई निचला क्रम दबाव नहीं झेल पाएगा।" लंच के तुरंत बाद जैसे ही रवींद्र जडेजा ने डिसिल्वा को पवेलियन भेजा, श्रीलंका की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
मानव सुथार के जादुई स्पैल की तारीफ: 'उसने मैच एकतरफा बना दिया'
केएल राहुल ने अपने डेब्यू टेस्ट में 10 विकेट (मैच में 10/131) झटकने वाले 24 वर्षीय युवा स्पिनर मानव सुथार के प्रदर्शन की दिल खोलकर तारीफ की। राहुल ने कहा कि सुथार ने जिस तरह से पांचवें दिन के दूसरे सत्र में एक ही ओवर में तीन विकेट चटकाकर श्रीलंका की कमर तोड़ी, उसने भारत के काम को बेहद आसान बना दिया।
राहुल ने कहा, "एक युवा स्पिनर के लिए डेब्यू मैच के 5वें दिन ऐसी गेंदबाजी करना अद्भुत है। मानव ने कभी अपनी लाइन और लेंथ से समझौता नहीं किया। जब बल्लेबाज टिके हुए थे, तब भी उसने घबराने के बजाय अपनी फ्लाइट और गति में बदलाव जारी रखा। उसका वह तीन विकेट वाला ओवर इस मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ जिसने हमें चायकाल से पहले ही जीत की दहलीज पर खड़ा कर दिया।"
पहली पारी का बड़ा स्कोर और टीम का एकजुट प्रदर्शन
मैच के समग्र प्रदर्शन पर बात करते हुए राहुल ने कहा कि भारत की इस जीत की असली नींव पहली पारी में देवदत्त पडिक्कल के 167 रनों की पारी और सभी बल्लेबाजों के छोटे-छोटे योगदान ने रखी थी।
राहुल ने कहा, "विदेशी जमीन पर पहली पारी में 450 से ऊपर (462 रन) का स्कोर बनाना हमेशा आपको मैच में आगे रखता है। उसके बाद गेंदबाजों ने पहली पारी में ही श्रीलंका को 284 पर समेटकर 178 रनों की बढ़त दिलाई। दूसरी पारी में ऋषभ पंत की तेजतर्रार बैटिंग (66 रन) ने हमें वह गति दी जिससे हम श्रीलंका को चौथे दिन के अंत में ही बल्लेबाजी के लिए बुला सके और उनके चार विकेट गिरा सके।"
WTC फाइनल की रेस और कोलंबो टेस्ट का रोडमैप
इस जीत के साथ ही भारत ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2025-27) में अपना अंक प्रतिशत 48.14% से बढ़ाकर 53.33% कर लिया है। केएल राहुल ने कहा कि टीम इंडिया के लिए यह जीत बहुत जरूरी थी, खासकर साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में मिली झटके के बाद।
राहुल ने कहा, "WTC पॉइंट्स टेबल में हर एक जीत और उसके पॉइंट्स हमारे लिए फाइनल की राह तय करेंगे। गॉल का मुकाबला अब खत्म हो चुका है और हमारा पूरा ध्यान कोलंबो में होने वाले दूसरे टेस्ट पर है। हम वहां भी आक्रामक और सकारात्मक क्रिकेट खेलकर 2-0 से सीरीज अपने नाम करने के इरादे से उतरेंगे।" राहुल का यह बयान दर्शाता है कि शुभमन गिल के नेतृत्व में यह युवा भारतीय टीम परिणामोन्मुखी (Result-oriented) क्रिकेट खेलने और किसी भी मैच में विरोधी टीम को वापसी का मौका न देने की मानसिकता के साथ आगे बढ़ रही है।