Kanpur Traffic Alert: कानपुर-हमीरपुर हाईवे पर 'महाजाम', 30 KM तक रेंगते रहे वाहन; डंपर खराब होने और चालकों की नींद ने बढ़ाई मुसीबत
India News Live,Digital Desk : कानपुर-हमीरपुर हाईवे शुक्रवार को एक बार फिर रणक्षेत्र बन गया। गुरुवार रात शुरू हुआ ट्रैफिक जाम शुक्रवार सुबह तक इतना विकराल हो गया कि सड़क पर करीब 30 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें नजर आईं। इस महाजाम की मुख्य वजह हाईवे पर डंपरों का खराब होना और भीषण जाम के बीच डंपर चालकों का केबिन में ही सो जाना रहा। स्थिति यह रही कि सुबह 10 बजे तक हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
डंपर खराब होने से लगा 'ब्रेक', आड़े-तिरछे वाहनों ने बिगाड़ी स्थिति
जाम की शुरुआत रमईपुर के ओरियारा चौराहा के पास एक डंपर के खराब होने से हुई। पुलिस ने एनएचएआई (NHAI) की क्रेन बुलाकर उसे किनारे कराया ही था कि शंभुआ ओवरब्रिज पर एक और डंपर जवाब दे गया। जब तक पुलिस यातायात सुचारू करने का प्रयास करती, तब तक वैन, ऑटो और कारों ने जल्दी निकलने के चक्कर में आड़े-तिरछे होकर पूरे हाईवे को 'लॉक' कर दिया।
केबिन में ही सो गए चालक, पुलिस के छूटे पसीने
हाईवे पर जाम इतना लंबा खिंच गया कि पतारा, जहांगीराबाद और शंभुआ जैसी जगहों पर डंपर चालक अपनी गाड़ियों के केबिन में ही सो गए। जब पुलिस ने ट्रैफिक खुलवाना शुरू किया, तो चालकों के सो जाने के कारण गाड़ियां टस से मस नहीं हुईं। पुलिसकर्मियों को एक-एक डंपर के पास जाकर चालकों को जगाना पड़ा, जिससे स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई।
बोर्ड परीक्षार्थियों की बढ़ी धड़कनें, लोग बीच रास्ते से लौटे
इस महाजाम का सबसे बुरा असर बोर्ड परीक्षार्थियों पर पड़ा, जो काफी जद्दोजहद के बाद परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सके। वहीं, कानपुर जाने वाले दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी हुई। पतारा और जहांगीराबाद के बीच जाम की विकराल स्थिति देखकर कई लोग बीच रास्ते से ही घर लौट गए। एसीपी ने बताया कि सुबह 10 बजे के बाद वाहनों को डायवर्ट कर यातायात बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
मुसीबत में 'लूट': चालकों ने वसूला मनमाना किराया
जाम का फायदा उठाकर ऑटो और वैन चालकों ने यात्रियों की जेब पर डाका डाला। कानपुर जाने का सामान्य किराया जहां 40 रुपये है, वहीं चालकों ने प्रति सवारी 100 रुपये तक वसूले। चालकों का तर्क था कि हाईवे जाम होने के कारण उन्हें लिंक मार्गों (गांव के अंदरूनी रास्तों) से होकर जाना पड़ रहा है, जिसमें ईंधन और समय ज्यादा खर्च हो रहा है।
प्रशासन का दावा है कि डायवर्जन के बाद अब हाईवे पर स्थिति सामान्य हो रही है, लेकिन 30 किलोमीटर लंबे इस जाम ने हाईवे की सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट की पोल खोलकर रख दी है।