'जैसे नोटबंदी में रोए थे, फिर रोने वाले हैं PM मोदी...' रायबरेली में गरजे राहुल गांधी

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India News Live,Digital Desk : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने रायबरेली दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। बहुजन स्वाभिमान सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि पीएम मोदी की गलत आर्थिक नीतियों के कारण आने वाले दो-तीन महीनों में देश को एक बहुत बड़ा झटका लगने वाला है। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि जब यह संकट आएगा, तो पीएम मोदी ठीक उसी तरह रोएंगे जैसे नोटबंदी के समय रोए थे। राहुल ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने देश के पूरे सिस्टम और आर्थिक तंत्र को चुनिंदा उद्योगपतियों के हाथों बेच दिया है।

अगले 2-3 महीनों में आएगा देश का सबसे बड़ा आर्थिक तूफान!

जनता को आगाह करते हुए राहुल गांधी ने एक गंभीर भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा कि अगले दो से तीन महीनों के भीतर देश के अंदर एक ऐसा आर्थिक तूफान आने वाला है, जिसमें कुछ भी नहीं टिक पाएगा। राहुल ने कहा, "जब यह संकट गहराएगा, तब नरेंद्र मोदी और हिंदुस्तान की सरकार आपको इससे नहीं बचा पाएगी। मुसीबत आने पर वे आपके सामने आकर रोएंगे और कहेंगे कि इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। लेकिन मैं आपको आज ही बता रहा हूं कि इस बर्बादी की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस की है, क्योंकि इन्होंने देश के संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर दिया है।"

अंबानी की फंडिंग और रूस से सस्ते तेल के खेल का लगाया आरोप

प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता ने क्रूड ऑयल और उद्योगपतियों के गठजोड़ का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने चुनावी वादों की याद दिलाते हुए कहा कि जनता से वादा किया गया था कि पेट्रोल और रसोई गैस के दाम नहीं बढ़ेंगे, लेकिन आज हकीकत सबके सामने है। उन्होंने आरोप लगाया, "जब देश में पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, तब अंबानी रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदकर उसे हिंदुस्तान में बेचने की जगह बाहर के देशों में बेच रहे हैं। उस मुनाफे के पैसे से वे नरेंद्र मोदी की राजनैतिक फंडिंग करते हैं, यही आज के भारत की कड़वी सच्चाई है।"

महंगाई की मार और पीएम के वीआईपी कल्चर पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने आने वाले समय में देश के भीतर आवश्यक वस्तुओं की भारी किल्लत होने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कुछ ही महीनों में महंगाई आसमान छूने लगेगी। किसानों के पास खाद तक उपलब्ध नहीं होगी। पेट्रोल, डीजल, खाद्य तेल, गैस, दाल और चावल के दाम आम जनता की पहुंच से बाहर हो जाएंगे।

पीएम मोदी के वीआईपी कल्चर को घेरते हुए उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री देश की जनता से कहते हैं कि विदेश मत जाएं, सोना न खरीदें और केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदें। वे खुद तो हजारों करोड़ रुपये के आलीशान निजी जहाजों में बैठकर लगातार विदेश यात्राएं करते हैं, लेकिन देश के मध्यम वर्ग और गरीबों को नसीहतें देते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि इस आर्थिक तूफान का असर अडानी-अंबानी या पीएम मोदी के महलों पर नहीं पड़ेगा, बल्कि इसका सीधा झटका देश की गरीब और आम जनता को लगेगा।

'संविधान को किया तबाह, जनता से छीना जा रहा वोट का अधिकार'

भाषण के आखिरी हिस्से में राहुल गांधी ने संविधान और आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान पब्लिक सेक्टर, आरक्षण, न्याय और स्वतंत्र मीडिया की वकालत करता है, लेकिन नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने इन सबको पूरी तरह तबाह कर दिया है। पब्लिक सेक्टर का निजीकरण किया जा रहा है और मनरेगा को खत्म किया जा रहा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में आरएसएस के अयोग्य लोगों को बैठा दिया गया है और अब 'SIR' के जरिए देश के नागरिकों से उनके वोट का अधिकार भी छीना जा रहा है।