Just 85 seconds away from midnight: डूम्सडे क्लाक क्या है और क्यों इसे कहा जाता है 'तबाही की घड़ी'
- by Priyanka Tiwari
- 2026-01-28 15:56:00
India News Live,Digital Desk : विश्व के परमाणु वैज्ञानिकों ने डूम्सडे क्लाक को अब तक की सबसे खतरनाक स्थिति में सेट किया है।
यह घड़ी अब आधी रात से केवल 85 सेकंड दूर है।
आधी रात का मतलब है वैश्विक तबाही, जैसे कि परमाणु युद्ध या मानव सभ्यता के लिए अभूतपूर्व संकट।
क्यों बढ़ा खतरा?
'बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स' ने इस स्थिति के पीछे कई कारण बताए हैं:
परमाणु शक्ति संपन्न देशों (अमेरिका, रूस, चीन) का आक्रामक रवैया।
परमाणु हथियार नियंत्रण समझौतों का कमजोर होना।
यूक्रेन और मध्य पूर्व में युद्ध।
AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का गलत इस्तेमाल, जैसे सैन्य सिस्टम में नियंत्रण खोना, जैविक हथियार बनाना और झूठी सूचनाएं फैलाना।
जलवायु परिवर्तन और उससे जुड़ी गंभीर समस्याएं।
वैज्ञानिकों की चेतावनी
संस्था की अध्यक्ष एलेक्जेंड्रा बेल ने कहा कि यह स्थिति दुनिया भर में नेतृत्व की विफलता को दर्शाती है।
बढ़ती राष्ट्रवादी सोच और शक्ति दिखाने की राजनीति मानवता को बड़े संकट की ओर ले जा रही है।
डूम्सडे क्लाक: इतिहास और महत्व
डूम्सडे क्लाक एक असली घड़ी नहीं, बल्कि वैश्विक तबाही के प्रतीक के रूप में बनाया गया है।
इसे 1947 में बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स ने शुरू किया था, जिसकी स्थापना अल्बर्ट आइंस्टीन और जे. रॉबर्ट ओपनहाइमर ने की थी।
वैज्ञानिक और सुरक्षा विशेषज्ञ हर साल तय करते हैं कि घड़ी कितनी दूर या पास होनी चाहिए।
उदाहरण: शीत युद्ध के बाद घड़ी 17 मिनट दूर थी, जिसे अब तक का सबसे सुरक्षित समय माना गया।