121 दिन तक वक्री रहेंगे देवगुरु बृहस्पति, इन 6 राशियों की बदलेगी तकदीर और बरसेगा अपार पैसा
वैदिक ज्योतिष में ज्ञान, समृद्धि, संतान और भाग्य के कारक माने जाने वाले देवगुरु बृहस्पति की चाल में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। गुरु ग्रह अब वक्री होकर आगामी 121 दिनों तक उल्टी चाल चलने वाले हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी कोई शुभ ग्रह वक्री होता है, तो उसका प्रभाव पृथ्वी और सभी 12 राशियों पर बहुत गहरा और तीव्र हो जाता है। वक्री अवस्था में गुरु ग्रह विशेष रूप से 6 राशियों पर अत्यंत मेहरबान रहने वाले हैं, जिससे इन जातकों के लंबे समय से रुके हुए कार्य तेजी से पूरे होंगे और जीवन में समृद्धि का नया दौर शुरू होगा।
मेष और कर्क राशि: करियर में मिलेगी मनचाही पदोन्नति, बढ़ेगा बैंक बैलेंस
मेष राशि के जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति की उल्टी चाल बेहद शुभ फल देने वाली सिद्ध होगी। वक्री काल के 121 दिनों में आपके आत्मविश्वास और पराक्रम में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। जो लोग लंबे समय से वेतन वृद्धि या पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे थे, उन्हें शुभ सूचना मिल सकती है। पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद हल होंगे और परिवार में शांति बनी रहेगी। वहीं कर्क राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक रूप से बेहद मजबूत साबित होगा। भाग्य भाव और लाभ स्थान पर सकारात्मक ऊर्जा के संचार से आकस्मिक धन लाभ के योग बनेंगे। निवेश की गई पुरानी पूंजी से बड़ा रिटर्न मिलने की संभावना है।
कन्या और तुला राशि: व्यापार में होगा भारी मुनाफा, पारिवारिक जीवन में घुलेंगी खुशियां
कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु का वक्री होना बौद्धिक क्षमता और निर्णय लेने की क्षमता को निखारेगा। यदि आप साझेदारी में कोई नया व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो यह 121 दिन आपके पक्ष में रहेंगे। नई डील्स फाइनल हो सकती हैं और समाज में आपका रसूख बढ़ेगा। तुला राशि के लोगों के लिए यह गोचर दांपत्य जीवन और भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि लेकर आएगा। घर में किसी मांगलिक आयोजन की रूपरेखा बन सकती है। जो छात्र उच्च शिक्षा या विदेश जाकर पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं, उन्हें इस अवधि में शानदार सफलता हाथ लगेगी।
धनु और मीन राशि: मान-सम्मान में होगी अप्रत्याशित वृद्धि, दूर होगी हर आर्थिक तंगी
धनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए गुरु की उल्टी चाल धनु जातकों के लिए वरदान के समान साबित होगी। इस समय आपकी सेहत में सुधार होगा और आध्यात्मिक कार्यों के प्रति आपका रुझान बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को नई और बेहतर कंपनियों से बड़े अवसर मिल सकते हैं। मीन राशि के जातकों के लिए भी यह वक्री काल स्वर्णिम रहने वाला है। धन के आगमन के नए और स्थायी रास्ते बनेंगे। कर्ज से मुक्ति पाने के प्रयास सफल होंगे और अटके हुए सरकारी कार्य बिना किसी रुकावट के पूरे होंगे।