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September 12 2026 03:09 am

राधा अष्टमी पर घर ले आएं ये 5 चमत्कारी चीजें, छप्परफाड़ बरसेगी राधा-कृष्ण की असीम कृपा

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भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का सनातन परंपरा में विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इस पावन तिथि को प्रेम, भक्ति और करुणा की साक्षात अधिष्ठात्री देवी श्री राधा रानी का प्राकट्य दिवस यानी 'राधा अष्टमी' के रूप में बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण की पूर्ण कृपा तभी प्राप्त होती है जब भक्त राधा रानी की शरण में जाता है। मान्यता है कि राधा अष्टमी के शुभ अवसर पर घर में कुछ विशेष और पवित्र वस्तुओं को लाकर स्थापित करने से गृह क्लेश समाप्त होता है, दांपत्य जीवन में अपार मधुरता आती है और घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती।

1. चांदी या पीतल की बांसुरी घर लाकर मंदिर में करें स्थापित

बांसुरी भगवान श्रीकृष्ण का अभिन्न अंग मानी जाती है और श्री राधा रानी को मुरली की धुन परम प्रिय है। राधा अष्टमी के शुभ दिन चांदी या पीतल की एक सुंदर और छोटी बांसुरी खरीदकर घर लाना अत्यंत फलदायी माना गया है। इस बांसुरी को गंगाजल से पवित्र कर श्री राधा-कृष्ण के चरणों में अर्पित करें और पूजा के बाद इसे अपने पूजा स्थान या मुख्य तिजोरी में रख दें। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में बांसुरी की उपस्थिति से नकारात्मक ऊर्जा स्वतः समाप्त हो जाती है और परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे मानसिक तनाव व मतभेद पूरी तरह दूर हो जाते हैं।

2. प्राकृतिक मोरपंख से घर में दूर होगा वास्तु दोष और नकारात्मक प्रभाव

मोरपंख को साक्षात सौंदर्य, सकारात्मकता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। भगवान श्रीकृष्ण अपने मुकुट में हमेशा राधा रानी के प्रेम के प्रतीक स्वरूप मोरपंख धारण करते हैं। राधा अष्टमी के पावन अवसर पर जोड़े में ताजा और सुंदर मोरपंख खरीदकर अपने घर के मुख्य द्वार या पूजा कक्ष के ईशान कोण में लगाना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन मोरपंख घर में लाने से कालसर्प दोष और नजर दोष का प्रभाव समाप्त होता है, साथ ही व्यापार और नौकरी में आ रही समस्त रुकावटें दूर होकर उन्नति के नए मार्ग खुलते हैं।

3. वैजयंती माला धारण करने से खिंची चली आती हैं मां लक्ष्मी

वैजयंती के बीजों से बनी माला को भगवान श्रीकृष्ण और श्री राधा रानी का प्रिय आभूषण माना गया है। पद्म पुराण में उल्लेख मिलता है कि वैजयंती माला जिस घर में श्रद्धापूर्वक रखी जाती है, वहां दरिद्रता कभी प्रवेश नहीं कर सकती। राधा अष्टमी के दिन वैजयंती माला खरीदकर मंदिर में राधा-कृष्ण के विग्रह को अर्पित करें। इस माला के प्रभाव से व्यक्ति के आकर्षण में वृद्धि होती है, आत्मविश्वास मजबूत होता है और अटके हुए आर्थिक कार्य सरलता से पूरे हो जाते हैं।

4. कामधेनु गाय और बछड़े की सुंदर प्रतिमा लाती है सुख-सौभाग्य

श्री राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण दोनों ही गोलोक वासी हैं और उन्हें गायों की सेवा अत्यंत प्रिय है। राधा अष्टमी के पावन अवसर पर पीतल, चांदी या सफेद संगमरमर से निर्मित कामधेनु गाय की बछड़े को दूध पिलाती हुई प्रतिमा घर लाना साक्षात सौभाग्य को आमंत्रित करने जैसा है। इस प्रतिमा को घर के उत्तर-पूर्व कोने में स्थापित करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और घर के बच्चों का बौद्धिक विकास तीव्र गति से होता है।

5. राधा-कृष्ण की युगल स्वरूप वाली मनमोहक तस्वीर या विग्रह

यदि आपके घर में पहले से युगल विग्रह मौजूद नहीं है, तो राधा अष्टमी का दिन इसे घर लाने के लिए सबसे उत्तम माना गया है। ध्यान रखें कि इस दिन राधा-कृष्ण की प्रेमपूर्वक मुस्कुराती हुई और आशीर्वाद देती हुई तस्वीर ही घर लाएं। इस पावन स्वरूप को घर के लिविंग एरिया या शयनकक्ष के सही कोण में स्थापित करने से पति-पत्नी के रिश्ते में अगाध प्रेम और विश्वास बना रहता है तथा घर में कभी अशांति का वास नहीं होता।