सपना साकार कर दिया! पहली उड़ान से लखनऊ पहुंचे जेवर के किसान; बोले- 'योगी जी ने हवाई चप्पल वालों को हवाई जहाज में बैठा दिया'
लखनऊ/जेवर। उत्तर प्रदेश के उड्डयन इतिहास में सोमवार का दिन एक बेहद भावुक, ऐतिहासिक और स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। जेवर में नवनिर्मित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) से पहली आधिकारिक उड़ान देश की राजधानी या किसी अन्य महानगर के लिए नहीं, बल्कि सीधे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए रवाना हुई।
यह कोई सामान्य औपचारिक कमर्शियल उड़ान नहीं थी, बल्कि इस पहली फ्लाइट में यात्री के रूप में उन खास मेहमानों को बैठाया गया था, जो इस पूरे प्रोजेक्ट की असली नींव हैं। सरकार ने सम्मान प्रकट करते हुए जेवर एयरपोर्ट के लिए अपनी पुश्तैनी जमीनें खुशी-खुशी देने वाले स्थानीय किसानों को इस पहली ऐतिहासिक उड़ान का पहला मुसाफिर बनाया।
जब जेवर के किसानों ने आसमान से देखे अपने खेत, छलक आए आंसू
जब यह विमान लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुआ, तो विमान से उतरने वाले किसानों के चेहरों पर गर्व, संतोष और अपार खुशी की लहर साफ देखी जा सकती थी। अपने ही गांव की जमीन पर बने रनवे से उड़ान भरकर सीधे सूबे की राजधानी पहुंचना इन ग्रामीण परिवारों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था।
यात्रा में शामिल महिला किसान मीनू ने अपना अनुभव साझा करते हुए बेहद भावुक अंदाज में कहा, "जब हवाई जहाज आसमान में उड़ा, तो पहली बार मैंने अपने ही गांव, घर और उन खेतों को आसमान की ऊंचाई से देखा जहां कभी हम खेती करते थे। इस अहसास को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है।" वहीं वर्षों से हवाई सफर का ख्वाब देखने वाली महिला किसान सुमन ने कहा कि आज उनका जीवन धन्य हो गया।
"हवाई चप्पल पहनने वालों को प्लेन में बैठाया, धन्यवाद योगी जी!"
पहली बार हवाई यात्रा का आनंद लेने वाली जेवर की निवासी पूनम ने देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा, "एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए हमारी जमीन अधिग्रहित हुई थी। आज सरकार ने हमें पहली फ्लाइट में सफर कराकर जो सम्मान दिया है, उसने इस दिन को हमारे जीवन का सबसे यादगार और ऐतिहासिक दिन बना दिया है।"
इसी गौरवमयी पल को बयां करते हुए किसान धर्मवीर शर्मा ने कहा, "हमारे इलाके में दुनिया का सबसे बेहतरीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनना पूरे क्षेत्र के लिए फख्र की बात है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई जहाज की सैर कराने' का जो वादा किया था, उसे आज सच साबित कर दिखाया है। सरकार ने यह जता दिया कि विकास के लाभ पर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का पहला हक है।" उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह का भी धन्यवाद किया।
ज़मीन अधिग्रहण से सम्मान की उड़ान तक: किसानों का सफर
उड़ान का हिस्सा रहे हिरा रशीद ने इस यात्रा को कभी न भूलने वाला अविस्मरणीय अनुभव बताया। वहीं बुजुर्ग किसान हाजी जफर ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, "जब इस एयरपोर्ट के लिए जमीन ली जा रही थी, तब प्रशासन ने पूरी पारदर्शिता और हमारी आपसी सहमति से काम किया। सभी ने इलाके के विकास के लिए खुशी-खुशी अपनी जमीन सौंपी थी। आज उसी त्याग का नतीजा देखकर और खुद इस विमान का पहला यात्री बनकर छाती गर्व से चौड़ी हो गई है।" किसान इकबाल कल्लू ने भी इसे किसानों के लिए एक बहुत बड़ा सम्मान बताया।
"कई सरकारें देखीं, पर ऐसा विकास कभी नहीं देखा"
विमान से सफर करने वाले सबसे बुजुर्ग किसानों में से एक जयवीर ने भावुक होकर कहा, "मैंने अपनी जिंदगी में बहुत सी सरकारें आते और जाते देखी हैं, बड़े-बड़े वादे सुने हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर विकास का ऐसा स्वर्णिम दौर पहले कभी नहीं देखा।"
सभी किसानों का एक सुर में मानना है कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ कंक्रीट का ढांचा या एक हवाई पट्टी नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में उनके बच्चों के रोजगार, पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक कायाकल्प और तरक्की का सबसे बड़ा ग्लोबल गेटवे बनने जा रहा है। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से आने वाली पीढ़ियों के लिए असीमित संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं।