'इससे कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा', भारत-पाक मैच में 'हैंडशेक' ना होने पर पाकिस्तानी हेड कोच वहाब रियाज का आया बड़ा बयान
नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप (T20 Women's World Cup) के हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 64 रनों से करारी शिकस्त देकर अपने अभियान का शानदार आगाज किया है। लेकिन इस महामुकाबले के बाद मैदान पर दोनों टीमों के बीच खेल भावना और 'हैंडशेक' (हाथ मिलाने) को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
मैच के दौरान और उसके बाद भी दोनों टीमों के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच हाथ न मिलाने की नीति पूरी तरह हावी दिखी। इस संवेदनशील मुद्दे पर अब पाकिस्तान क्रिकेट टीम के हेड कोच वहाब रियाज का एक बड़ा और बेबाक बयान सामने आया है, जिसने क्रिकेट जगत में नई चर्चा छेड़ दी है।
"चीजें जैसी चल रही हैं, उन्हें वैसे ही चलने दें" - वहाब रियाज
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक रिपोर्टर ने वहाब रियाज से सीधा और तीखा सवाल दागते हुए पूछा, "मैं यह पूछने के लिए माफी चाहता हूं, लेकिन हमने आज मैदान पर फिर से कोई हैंडशेक नहीं देखा। दोनों अलग-अलग टीमों के खिलाड़ियों और स्टाफ के बीच आपसी संबंध कैसे हैं? क्या पर्दे के पीछे आप लोगों में कोई दोस्ती है, या फिर माहौल पूरी तरह ठंडा रहता है?"
इस पर पाकिस्तानी हेड कोच वहाब रियाज ने बेहद ठंडे अंदाज में जवाब देते हुए कहा, "देखिए, मुझे इसके बारे में ज्यादा नहीं पता। मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बहुत पहले छोड़ दिया था, इसलिए मैदान पर हैंडशेक न करने का असल तकनीकी कारण मुझे मालूम नहीं है। लेकिन मुझे लगता है कि अगर चीजें इसी तरह आगे बढ़ना चाहती हैं, तो चलिए इसे ऐसे ही चलने देते हैं। खिलाड़ियों के हाथ नहीं मिलाने से खेल पर या किसी और चीज पर कोई बहुत बड़ा फर्क नहीं पड़ने वाला है।"
क्यों है दोनों देशों के बीच 'नो हैंडशेक पॉलिसी'?
आपको बता दें कि भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमों के बीच टॉस और मैच के बाद 'हाथ नहीं मिलाने' की यह नीति कोई नई नहीं है। पिछले साल पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले और उसके बाद भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा सीमा पर चलाए गए आक्रामक 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद से ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम प्रबंधन ने इस कड़े रुख को अपनाया हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हाथ नहीं मिलाने की इस शुरुआत को सबसे पहले दुबई में हुए एशिया कप के दौरान भारत के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अमलीजामा पहनाया था। इसके बाद कोलंबो में हुए महिला वनडे विश्व कप मैच के दौरान भी भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ने इस 'नो हैंडशेक पॉलिसी' को बरकरार रखा था और आज भी टॉस के समय दोनों कप्तान बिना हाथ मिलाए केवल सिक्का उछालकर अलग हो गईं।
"हम यहाँ सिर्फ क्रिकेट के लिए आए हैं" - हरमनप्रीत कौर
इस मुकाबले से ठीक एक दिन पहले जब मीडिया ने भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर से इस नो-हैंडशेक नीति और पाकिस्तान के साथ रिश्तों को लेकर सवाल पूछा था, तो उन्होंने बेहद सधे हुए अंदाज में राजनीति से दूरी बनाते हुए कहा था, "मुझे लगता है कि हम यहां सिर्फ क्रिकेट खेलने के लिए आए हैं और हमें केवल क्रिकेट के बारे में ही बात करनी चाहिए। इसके अलावा हम किसी और राजनीतिक या बाहरी चीज पर चर्चा नहीं करते हैं। क्रिकेट शुरू से ही हमारा एकमात्र सपना रहा है और हम सिर्फ खेल और अपने आगामी मैचों की रणनीति पर ही फोकस रखते हैं।"
भारत ने पाकिस्तान को 106 रनों पर समेटा, कप्तान हरमनप्रीत ने की तारीफ
अगर मुकाबले की बात करें तो भारतीय महिला टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कोर बोर्ड पर 170 रनों का मजबूत लक्ष्य खड़ा किया था। जवाब में 171 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के चक्रव्यूह में पूरी तरह फंस गई और पूरी टीम महज 106 रनों पर ऑलआउट हो गई। भारत ने यह मैच 64 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम किया।
शानदार जीत के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “इस एकतरफा जीत से काफी खुशी मिली है। मैं सबसे पहले मैदान पर आए भारतीय प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगी। स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा दोनों ने आज कमाल का प्रदर्शन किया। क्रिकेट में कैच लपकना और फील्डिंग काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और आज हमारी टीम ने जैसा फील्डिंग एफर्ट दिखाया, उससे मैं बेहद संतुष्ट हूं। टूर्नामेंट का हर मैच हमारे लिए बेहद जरूरी है और इस बड़ी जीत से मिलने वाला नेट रन रेट हमें आगे के सफर में काफी मदद करेगा।”