PoK में कफन बांधकर उतरे JAAC नेता, पाकिस्तानी हुकूमत को सीधी चेतावनी: 'गोली खा लेंगे, लेकिन अब पीछे नहीं हटेंगे!'
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात पूरी तरह बेकाबू हो चुके हैं। आटे, बिजली और बुनियादी हक की मांग को लेकर शुरू हुआ जनआंदोलन अब शहबाज शरीफ सरकार और आसिम मुनीर की सेना के खिलाफ एक बड़ी बगावत का रूप ले चुका है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की हिंसक और बर्बर कार्रवाई में अब तक 100 से अधिक बेकसूर प्रदर्शनकारियों की जान जा चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस खूनी दमन के बीच 'ज्वाइंट आवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) के नेताओं ने कफन बांधकर मैदान में उतरने का फैसला किया है और पाकिस्तानी हुकूमत को सीधे शब्दों में चेतावनी दे डाली है।
JAAC नेताओं को देखते ही गोली मारने का आदेश, घोषित हुआ भारी इनाम
पाकिस्तानी हुकूमत इस बड़े जनआंदोलन से इस कदर बौखला गई है कि उसने जायज मांग उठाने वाली 'ज्वाइंट आवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) पर न सिर्फ प्रतिबंध लगा दिया है, बल्कि इसे देशद्रोह और आतंकवाद का नाम दे दिया है। इतना ही नहीं, सरकार ने इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे शीर्ष नेताओं को देखते ही गोली मारने (शूट एट साइट) का फरमान जारी किया है। प्रदर्शनकारियों का हौसला तोड़ने के लिए शहबाज सरकार ने JAAC के चार शीर्ष नेताओं—चेयरमैन शौकत नवाज मीर, उमर नजीर कश्मीरी, ख्वाजा मेहरान अर्शद और सरदार अमान खान की गिरफ्तारी या सूचना देने वाले को 1 करोड़ पाकिस्तानी रुपये का इनाम देने का भी ऐलान किया है।
'गोली खा लूंगा, लेकिन देशद्रोह का कलंक बर्दाश्त नहीं'
सरकार की इस दमनकारी नीति और गीदड़भभकियों का आंदोलनकारियों पर कोई असर नहीं दिख रहा है। JAAC के अध्यक्ष शौकत नवाज मीर ने हुकूमत के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि प्रशासन ने उन पर जो देशद्रोह के झूठे आरोप लगाए हैं, वे उन्हें हर हाल में वापस लेने होंगे। शौकत मीर ने कड़े लहजे में कहा, "प्रशासन ने हम पर जो झूठे आरोप मढ़े हैं, उसके खिलाफ मैं गोली खा लूंगा, लेकिन यह बर्दाश्त नहीं करूंगा।" विरोध प्रदर्शन का पहला चरण सफल रहने के बाद आंदोलनकारियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं।
बंदूक की नीति फेल, अब जान जाए तो जाए
शौकत मीर के साथ-साथ एक अन्य प्रमुख JAAC नेता ख्वाजा मेहरान ने भी हजारों की आक्रोशित भीड़ के सामने हुंकार भरी है। उन्होंने पाकिस्तानी हुकूमत को ललकारते हुए कहा कि गोली और बंदूक के दम पर कश्मीरियों को डराने और दबाने की नीति पूरी तरह फ्लॉप हो चुकी है। मेहरान ने साफ किया, "अब चाहे हमारी जान चली जाए या हमारा सब कुछ तबाह हो जाए, हम अपने हक के लिए एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।"
100 से ज्यादा मौतें, सुलग उठा है पूरा PoK
यह आंदोलन अब महज आर्थिक तंगी या सब्सिडी की मांग तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह स्वाभिमान और अस्तित्व की लड़ाई बन चुका है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की बर्बरता के कारण अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 400 से अधिक लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस खूनखराबे ने स्थानीय नागरिकों के गुस्से में घी डालने का काम किया है।
गौरतलब है कि PoK के लोग लंबे समय से बिजली, दाल, आटा और चावल जैसी बुनियादी चीजों पर सब्सिडी देने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही, वहां की स्थानीय जनता PoK विधानसभा में जबरन रखी गई 12 'शरणार्थी सीटों' को खत्म करने की मांग पर भी अड़ी हुई है, जिसे पाकिस्तानी हुकूमत अपनी कठपुतली सरकार बनाने के लिए इस्तेमाल करती आई है। नेताओं का साफ कहना है कि जनता की आवाज को दबाने की यह एक सोची-समझी साजिश है, जिसे वे कभी कामयाब नहीं होने देंगे।