मिडिल ईस्ट में 'डेडलॉक': ईरान ने ठुकराया सीजफायर का प्रस्ताव, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने से साफ इनकार

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India News Live,Digital Desk : दुनिया जिस युद्धविराम की उम्मीद लगाए बैठी थी, उस पर फिलहाल काले बादल मंडरा रहे हैं। मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से आई ताजा रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अस्थायी युद्धविराम (Temporary Ceasefire) के बदले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान के इस कड़े रुख ने अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे तनाव को एक बार फिर चरम पर पहुंचा दिया है।

'अस्थायी शांति मंजूर नहीं': वाशिंगटन की नीयत पर ईरान को शक

समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' से बात करते हुए एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी ऐसी डील का हिस्सा नहीं बनेगा जो केवल अस्थायी हो। तेहरान का मानना है कि वाशिंगटन (अमेरिका) एक स्थायी और ठोस संघर्ष-विराम के लिए गंभीर नहीं है। अधिकारी ने कड़े लहजे में कहा, "ईरान केवल रास्ता खोलने के लिए किसी दबाव या समय-सीमा (Deadline) को स्वीकार नहीं करेगा। हम अपनी शर्तों पर ही फैसला लेंगे।"

पाकिस्तान का 'शांति प्रस्ताव' और रहस्यमयी चुप्पी

इस पूरे विवाद में पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ बनकर उभरा है। खबरें थीं कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच दुश्मनी खत्म करने के लिए एक '15-सूत्रीय फ्रेमवर्क' तैयार किया है। हालांकि, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इन खबरों पर रहस्यमयी चुप्पी साध ली है। उन्होंने अल जजीरा से बात करते हुए 45 दिनों के युद्धविराम या किसी विशिष्ट शांति योजना की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। अंद्राबी ने केवल इतना कहा कि "शांति प्रक्रिया जारी है," लेकिन विवरण साझा करने से बचते रहे।

क्या था पाकिस्तान का 'टू-लेयर' शांति प्लान?

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा तैयार किए गए मसौदे में एक 'टू-लेयर अप्रोच' (Two-Layer Approach) का सुझाव दिया गया था। इसमें पहले चरण में तुरंत सीजफायर और दूसरे चरण में एक व्यापक समझौता शामिल था। माना जा रहा था कि अगर यह प्लान सोमवार से लागू होता, तो ईरान होर्मुज जलमार्ग को व्यापार के लिए खोल देता। लेकिन ईरान के ताजा बयान ने इस योजना पर पानी फेर दिया है।

एक्सियोस की रिपोर्ट और ईरान की दो टूक

इससे पहले 'एक्सियोस न्यूज' ने रिपोर्ट दी थी कि अमेरिका और ईरान के बीच 45 दिनों के संभावित सीजफायर को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है। ट्रंप के अल्टीमेटम के बीच इस खबर को राहत की तरह देखा जा रहा था, लेकिन ईरान ने अब साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के 'तत्परता की कमी' वाले किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं करेगा। तेहरान फिलहाल पाकिस्तान के प्रस्ताव की समीक्षा जरूर कर रहा है, लेकिन उसने किसी भी तरह के अंतरराष्ट्रीय दबाव को मानने से इनकार कर दिया है। अब सबकी नजरें मंगलवार की उस समय सीमा पर हैं, जो ट्रंप ने ईरान को दी है।