नेवी सील टीम 6 का हैरतअंगेज रेस्क्यू ऑपरेशन; 7000 फीट की ऊंचाई से अमेरिकी पायलट को सुरक्षित निकाला

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India News Live,Digital Desk : अमेरिकी सैन्य इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। साल 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में घुसकर ओसामा बिन लादेन को ढेर करने वाली दुनिया की सबसे घातक यूनिट 'नेवी सील टीम 6' (SEAL Team 6) ने ईरान के दुर्गम इलाकों में एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। ईरान की सीमा के 300 किलोमीटर भीतर घुसकर एक घायल अमेरिकी पायलट को बचाना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।

7000 फीट की ऊंचाई और मौत का साया: जब पहाड़ों में छिपा था जांबाज

पूरा घटनाक्रम 3 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ, जब ईरान ने एक अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान को मार गिराया। विमान का हथियार प्रणाली अधिकारी (WSO) कोहगिलुयेह और बोयेर-अहमद के बर्फीले और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ों में जा गिरा। 7,000 फीट ऊंची एक पहाड़ी दरार में छिपे इस पायलट के पास केवल एक पिस्तौल और एक एन्क्रिप्टेड बीकन (Beacon) था। संकट तब और गहरा गया जब ईरानी टीवी ने सार्वजनिक रूप से पायलट की गिरफ्तारी पर इनाम की घोषणा कर दी।

सर्जिकल स्ट्राइक नहीं, यह था 'हथौड़ा' प्रहार

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर 2011 का लादेन मिशन एक 'सर्जिकल स्ट्राइक' थी, तो 2026 का यह रेस्क्यू मिशन एक 'हथौड़े' की तरह था। जहाँ लादेन मिशन में केवल 24 सैनिक और 2 हेलीकॉप्टर शामिल थे, वहीं इस बार अमेरिका ने अपने एक पायलट के लिए पूरी वायुसेना की ताकत झोंक दी। दर्जनों लड़ाकू विमान, अंतरिक्ष खुफिया प्रणाली और साइबर वारफेयर के साथ सैकड़ों विशेष अभियान दलों (Special Ops) ने इस मिशन को अंजाम दिया।

CIA की 'चाल' और नेवी सील का हैरतअंगेज पराक्रम

ऑपरेशन के दौरान CIA ने ईरानी खोज दलों को गुमराह करने के लिए एक जबरदस्त रणनीति अपनाई। नेवी सील ने ईरान के इस्फ़हान से मात्र 50 किमी दूर एक सुनसान हवाई पट्टी को अपना अस्थायी बेस बनाया। यहाँ दो MC-130J परिवहन विमान और MH-6 'लिटिल बर्ड' हेलीकॉप्टर तैनात थे। मिशन के दौरान जब दो अमेरिकी विमान तकनीकी रूप से क्षतिग्रस्त हुए, तो कमांडो ने दुश्मन के हाथ तकनीक न लगने देने के लिए उनके गुप्त सिस्टम और सॉफ्टवेयर को खुद ही नष्ट कर दिया।

भारी गोलाबारी के बीच सफल निकासी: कोई हताहत नहीं

ईरानी सेना के बेहद करीब पहुँचने के बावजूद नेवी सील टीम 6 ने अपना धैर्य नहीं खोया। भारी गोलीबारी के बीच तीन और परिवहन विमान मौके पर पहुँचे और घायल अधिकारी सहित पूरे बचाव दल को सुरक्षित निकाल लिया गया। सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि इस बेहद खतरनाक मिशन में एक भी अमेरिकी सैनिक शहीद नहीं हुआ। सुरक्षित निकाले गए अधिकारी को इलाज के लिए कुवैत के सैन्य अस्पताल ले जाया गया है, जहाँ उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।