ईरान ने दागीं घातक क्रूज मिसाइलें और ड्रोन्स, जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने डुबोईं 7 जंगी नावें
India News Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया (Middle East) एक बार फिर बारूद के ढेर पर दहक उठा है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब सीधे टकराव में बदल गया है। खबर है कि ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों को निशाना बनाते हुए दर्जनों आत्मघाती ड्रोन्स और घातक क्रूज मिसाइलों से हमला बोल दिया है। इस हमले के जवाब में अमेरिकी नौसेना ने भी प्रचंड शक्ति का प्रदर्शन किया। ताजा जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने समुद्र में घेराबंदी कर रहे ईरान के सात सैन्य जहाजों (Boats) को समंदर में डुबो दिया है।
आसमान में ड्रोन्स का जाल और समंदर में बारूदी लहरें
आधी रात के बाद शुरू हुए इस घटनाक्रम ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। ईरान की ओर से दागे गए 'शहीद' ड्रोन्स और क्रूज मिसाइलों ने कई रक्षा प्रणालियों को चुनौती दी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, धमाकों की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। ईरान का दावा है कि यह कार्रवाई उसकी संप्रभुता की रक्षा के लिए है, जबकि अमेरिका ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्ग पर सीधा हमला करार दिया है। इस टकराव के बाद होर्मुज की खाड़ी और लाल सागर में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं।
अमेरिकी नेवी का 'ऑपरेशन डिस्ट्रक्शन': 7 ईरानी नावें जमींदोज
जैसे ही ईरानी ड्रोन्स ने उड़ान भरी, अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने जवाबी कार्रवाई के आदेश दे दिए। अमेरिकी युद्धपोतों ने आधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए न केवल हवाई खतरों को कम किया, बल्कि आक्रामक रुख अपना रही ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की सात तेज रफ्तार सैन्य नौकाओं को निशाना बनाया। सटीक हमलों के बाद ये सातों नावें देखते ही देखते जलमग्न हो गईं। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अमेरिका इस क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
तेल के बाजार में हड़कंप, विश्व शक्तियों के हाथ-पांव फूले
इस सैन्य भिड़ंत का असर अब युद्ध के मैदान से निकलकर वैश्विक बाजार पर दिखने लगा है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव की खबर फैलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उबाल आ गया है। वैश्विक नेताओं ने चिंता जताई है कि यदि यह संघर्ष और फैला, तो दुनिया एक बड़े ऊर्जा संकट में फंस सकती है। रूस, चीन और यूरोपीय देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है, लेकिन तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बढ़ते 'ईगो' ने कूटनीतिक रास्तों को लगभग बंद कर दिया है।
क्या शुरू होने वाला है विनाशकारी महायुद्ध?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोई मामूली झड़प नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी सैन्य रणनीति का हिस्सा है। ईरान जिस तरह से क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है, वह संकेत देता है कि उसके पास बड़ी तैयारी है। वहीं, अमेरिका की ओर से सात जहाजों को डुबोना ईरान के लिए एक बड़ा सैन्य और मनोवैज्ञानिक झटका है। अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं क्या वह पीछे हटेगा या फिर खाड़ी की आग पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लेगी?