Invest UP's big move: IIM लखनऊ में ट्रेनिंग लेंगे जिला उद्योग केंद्रों के अधिकारी, निवेशकों के लिए बिछेगा 'रेड कार्पेट'
India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में निवेश की महा-परियोजनाओं को फाइलों से निकालकर धरातल पर उतारने के लिए योगी सरकार ने कमर कस ली है। इन्वेस्ट यूपी (Invest UP) की पहल पर अब जिला उद्योग केंद्रों (DIC) के महाप्रबंधकों (GM) और सहायक महाप्रबंधकों (AGM) को प्रोफेशनल मैनेजमेंट के गुर सिखाए जाएंगे। इसके लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) लखनऊ में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का खाका तैयार किया गया है, जिसकी शुरुआत 10 मार्च से होने जा रही है।
IIM लखनऊ में निखरेगा अधिकारियों का 'मैनेजमेंट स्किल'
औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। ट्रेनिंग के दौरान अधिकारियों को 40-40 के बैच में बांटा गया है। इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में 'कॉर्पोरेट वर्क कल्चर' को शामिल करना है ताकि निवेशकों को किसी भी स्तर पर परेशानी न हो।
ट्रेनिंग में इन मुख्य बिंदुओं पर रहेगा जोर:
इन्वेस्टर रिलेशनशिप: निवेशकों के साथ बेहतर तालमेल और संवाद स्थापित करना।
सिंगल विंडो क्लीयरेंस: भूमि आवंटन की प्रक्रिया को तेज करना और विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दिलाने में सक्रिय मदद करना।
प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन: एमओयू (MoU) साइन होने के बाद परियोजना को धरातल पर उतारने की चुनौतियों का समाधान।
जिला उद्योग केंद्रों का होगा 'कायाकल्प'
इन्वेस्ट यूपी की सिफारिश पर सरकार सिर्फ अधिकारियों को ही नहीं, बल्कि दफ्तरों को भी हाई-टेक बना रही है। जिला उद्योग केंद्रों में अब निवेशकों के साथ बैठकें करने के लिए आधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम, प्रोजेक्टर, लैपटॉप और बेहतरीन फर्नीचर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका मकसद निवेशकों को यह अहसास कराना है कि उत्तर प्रदेश का हर जिला निवेश के लिए तैयार और प्रोफेशनल है।
GBC-5 के लिए 6 लाख करोड़ का लक्ष्य
इस विशेष प्रशिक्षण के पीछे सरकार की एक बड़ी रणनीति छिपी है। उत्तर प्रदेश सरकार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC)-5 के जरिए राज्य में 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश को जमीन पर उतारने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
फरवरी में होना था आयोजन: पहले यह कार्यक्रम फरवरी में प्रस्तावित था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यस्तता के कारण इसकी तारीख आगे बढ़ा दी गई है।
डेडलाइन: इन्वेस्ट यूपी की कोशिश है कि जीबीसी-5 के आयोजन से पहले सभी जिलों का स्टाफ पूरी तरह प्रशिक्षित और प्रोफेशनल हो जाए।
"इस प्रशिक्षण से जिला स्तर के अधिकारी निवेशकों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सहायक सिद्ध होंगे।"
— इन्वेस्ट यूपी अधिकारी