भारत का पिनाका रॉकेट सिस्टम विदेशों में धमाका, आर्मेनिया को भेजी गई पहली खेप
- by Priyanka Tiwari
- 2026-01-20 16:12:00
India News Live,Digital Desk : भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नागपुर स्थित सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड फैसिलिटी से आर्मेनिया के लिए पिनाका गाइडेड रॉकेट सिस्टम की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई। पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर अपनी सटीकता और लंबी रेंज के लिए जाना जाता है और अब यह विदेशी खरीदारों के लिए पहली पसंद बन चुका है।
पिनाका की ताकत और रेंज में सुधार
पिनाका के विभिन्न वेरिएंट 75 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेद सकते हैं, जबकि नवीनतम परीक्षण वर्जन की रेंज 120 किलोमीटर तक पहुंच चुकी है। भारतीय सेना ने अप्रैल 2022 में पिनाका Mk-I Enhanced (EPRS) को शामिल किया, जो 75 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक मार कर सकता है। दिसंबर 2025 में सफल परीक्षण के बाद 120 किलोमीटर रेंज वाले नए रॉकेट को लॉन्चर से ही दागा जा सकता है।
भारत का रक्षा निर्यात नया रिकॉर्ड
राजनाथ सिंह ने बताया कि दस साल पहले भारत का रक्षा निर्यात 1,000 करोड़ रुपये से कम था। अब यह 24,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। घरेलू रक्षा उत्पादन 46,425 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.51 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी की भी तारीफ की, जो पिनाका जैसे हथियारों को वैश्विक बाजार में सफल बना रही है।
आर्मेनिया के साथ 2,000 करोड़ रुपये का बड़ा सौदा
सितंबर 2022 में आर्मेनिया ने भारत के साथ करीब 2,000 करोड़ रुपये का समझौता किया था। इस डील में चार पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर बैटरी, एंटी-टैंक रॉकेट, गोला-बारूद और अन्य उपकरण शामिल थे। पहले अनगाइडेड सिस्टम की डिलीवरी जुलाई 2023 में शुरू हुई और नवंबर 2024 तक पूरी हुई। अब पहली बार गाइडेड पिनाका रॉकेट की खेप नागपुर से रवाना की गई है।
दुनिया भर में बढ़ती मांग
आर्मेनिया पहला पुष्ट खरीदार है, लेकिन दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप जैसे देशों में भी पिनाका सिस्टम में रुचि बढ़ रही है। फ्रांस सहित अन्य यूरोपीय देश इस हथियार में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। भारत अब रक्षा क्षेत्र में एक मजबूत निर्यातक के रूप में उभर रहा है, और पिनाका इसकी सबसे बड़ी मिसाल बन चुका है।