कर्नाटक में हो सकते हैं सभी स्थानीय निकाय चुनाव एक साथ, 30 साल बाद वापसी बैलेट पेपर की
- by Priyanka Tiwari
- 2026-01-20 16:15:00
India News Live,Digital Desk : कर्नाटक सरकार राज्य में सभी स्थानीय निकाय चुनाव एक साथ कराने पर विचार कर रही है। इसमें बेंगलुरु के नगर निगम चुनाव भी शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि सरकार 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधनों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर युवाओं और नई पीढ़ी को नेतृत्व का अवसर मिलेगा।
बेंगलुरु में पांच नगर निगम, 369 वार्ड
ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) के तहत बेंगलुरु में पांच नगर निगम और 369 वार्ड बनाए गए हैं। इन चुनावों के लिए सोमवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट भी जारी कर दी गई।
सरकार की मंशा और आरक्षण मुद्दे
शिवकुमार ने कहा कि जिला पंचायत और तालुक पंचायत चुनाव कराने का फैसला हो चुका है। आरक्षण से जुड़े मुद्दों को मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने हल करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम पंचायत चुनावों को पार्टी सिंबल पर कराने पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
बैलेट पेपर की वापसी?
स्थानीय निकाय चुनावों में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर इस्तेमाल करने पर शिवकुमार ने कहा कि यह राज्य चुनाव आयोग के दायरे में आता है। उन्होंने जोर देकर कहा, "बैलेट पेपर इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं है। चुनाव का तरीका से ज्यादा अहम है कि वोटिंग हो।"
राज्य चुनाव आयोग स्वतंत्र
शिवकुमार ने साफ किया कि सरकार चुनाव आयोग के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करेगी। राज्य चुनाव आयोग सरकार के अधीन नहीं है और यह अपने ढंग से फैसले लेगा।
वोटर अधिकार और भरोसा
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद शिवकुमार ने कहा कि अगर किसी वोटर का नाम छूट गया है तो उसे दूसरा मौका मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की व्यवस्था पहले से कर ली गई है।
बीजेपी का तंज और शिवकुमार की प्रतिक्रिया
बीजेपी नेताओं ने उन पर दावोस यात्रा रद करने का राजनीतिक आरोप लगाया। शिवकुमार ने मजाकिया अंदाज में कहा, “उनकी बात में कुछ सचाई है। मैं गलत नहीं कहूंगा। यह सवाल कल सुबह फिर पूछना।”