पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची में जोरदार धमाका, पॉश इलाके में मुठभेड़ जारी, पाक रेंजर्स ने घेरा
कराची/सुरक्षा डेस्क: पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर और आर्थिक राजधानी कराची (Karachi Blast and Gunfire) से इस वक्त एक बेहद सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. शनिवार, 27 जून 2026 की देर रात कराची के एक बेहद पॉश और रणनीतिक रूप से संवेदनशील इलाके में एक भीषण बम धमाका हुआ है, जिसके तुरंत बाद से वहां लगातार भारी गोलीबारी (Encounter) जारी है.
स्थानीय प्रशासन और पाकिस्तानी सेना की स्पेशल विंग्स ने पूरे इलाके को सील कर दिया है. हालांकि, रात देर गए तक इस हमले में किसी के हताहत होने या मारे जाने के आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आए हैं.
गुलिस्तान-ए-जौहर में सैन्य दफ्तरों के नजदीक हुआ हमला
पाकिस्तानी मीडिया और प्रतिष्ठित अखबार 'डॉन' (Dawn) की रिपोर्ट के अनुसार, यह आतंकी हमला कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर ब्लॉक-5 (Gulistan-e-Jauhar Block-5) के पास हुआ है:
रणनीतिक निशाना: जिस जगह यह धमाका हुआ है, वह सड़क पाकिस्तानी फौज (Pakistan Army) और अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) के क्षेत्रीय कार्यालयों के बेहद करीब है.
मुठभेड़ जारी: स्थानीय चश्मदीदों के मुताबिक, धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनी गई. इसके तत्काल बाद वहां ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई. पाकिस्तानी रेंजर्स (Pak Rangers) और सेना के कमांडो के मोर्चा संभालने के बाद भी हमलावरों और सुरक्षाबलों के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ जारी है.
शैक्षणिक हब: आपको बता दें कि इस संवेदनशील इलाके में कई नामी कॉलेज और पाकिस्तानी मौसम विभाग (PMD) का मुख्य कार्यालय भी स्थित है, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं.
सिंध के मुख्यमंत्री ने मांगी रिपोर्ट, ADG मौके पर मौजूद
इस हाई-प्रोफाइल हमले के बाद पाकिस्तान के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है:
सीएम मुराद अली शाह एक्शन में: सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए कराची पुलिस और गृह विभाग से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. उन्होंने अधिकारियों को पल-पल की अपडेट देने के निर्देश दिए हैं.
सुरक्षा घेरा: कराची के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) खुद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे हुए हैं. सिंध के गृह विभाग ने एक बयान जारी कर कहा है कि जब तक सभी हमलावरों को पूरी तरह मार नहीं गिराया जाता, तब तक ऑपरेशन जारी रहेगा और उसके बाद ही नुकसान की पूरी जानकारी साझा की जाएगी.
आतंकवाद की चौतरफा मार झेल रहा है पाकिस्तान
इस घातक हमले के पीछे किस संगठन का हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है और न ही किसी समूह ने इसकी जिम्मेदारी ली है. हालांकि, रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान इस समय अपनी ही गलत नीतियों के कारण चौतरफा आंतरिक सुरक्षा संकट से घिर चुका है:
बलूचिस्तान में असंतोष: प्रांत में 'बलूच लिबरेशन आर्मी' (BLA) और अन्य विद्रोही संगठन लगातार पाकिस्तानी सेना को निशाना बना रहे हैं. हाल ही में बलूच अधिकार कार्यकर्ता महरंग बलोच को पाकिस्तान की एक अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद से बलूच विद्रोहियों में भारी आक्रोश है.
टीटीपी का खौफ: खैबर पख्तूनख्वा और सीमावर्ती इलाकों में 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) लगातार बड़े हमलों को अंजाम दे रहा है.
अफगान सीमा पर तनाव: डूरंड लाइन पर पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच जारी सैन्य झड़पें और हवाई हमलों ने भी देश के भीतर स्लीपर सेल्स को एक्टिव कर दिया है.
सुरक्षाबलों द्वारा पूरे गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके की लाइटें बंद कर सर्च ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है.