डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में भारी गिरावट: अप्रूवल रेटिंग 34% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर
India News Live,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक मोर्चे पर खतरे की घंटी बज गई है। एक ताजा राष्ट्रीय सर्वे के अनुसार, ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग गिरकर मात्र 34% रह गई है, जो जनवरी 2025 में उनके दोबारा पद संभालने के बाद से अब तक का सबसे निचला स्तर है। यह गिरावट न केवल ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठा रही है, बल्कि आगामी मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) के लिए रिपब्लिकन पार्टी की राह भी मुश्किल कर रही है।
क्यों नाराज है अमेरिकी जनता? (मुख्य कारण)
सर्वेक्षण के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर ट्रंप की गिरती लोकप्रियता के पीछे तीन प्रमुख कारण उभर कर सामने आए हैं:
1. पेट्रोल और महंगाई की 'मार'
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बुरी तरह चरमरा गई है। इसका सीधा असर अमेरिकी नागरिकों की जेब पर पड़ा है:
पेट्रोल के दाम: पिछले कुछ महीनों में पेट्रोल की कीमतों में 40% से अधिक का उछाल आया है।
महंगाई: केवल 22% अमेरिकियों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन महंगाई को नियंत्रित करने में सफल रहा है। रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम जनता के बजट को बिगाड़ दिया है।
2. अमेरिका-ईरान युद्ध से असंतोष
विदेशी धरती पर एक और लंबे युद्ध में फंसने को लेकर अमेरिकी नागरिक आशंकित हैं।
समर्थन की कमी: सर्वे के अनुसार, केवल 34% जनता ही ईरान के खिलाफ चल रहे इस सैन्य संघर्ष का समर्थन कर रही है। अधिकांश लोग युद्ध को तुरंत समाप्त कर कूटनीतिक रास्ता अपनाने के पक्ष में हैं।
आर्थिक बोझ: जनता का मानना है कि युद्ध पर हो रहा भारी खर्च घरेलू विकास और कल्याणकारी योजनाओं की कीमत पर हो रहा है।
3. स्वतंत्र मतदाताओं का मोहभंग
ट्रंप को अपने कट्टर रिपब्लिकन समर्थकों (करीब 78%) का साथ तो मिल रहा है, लेकिन 'स्वतंत्र मतदाता' (Independent Voters) अब डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर झुकते नजर आ रहे हैं। यह वही वर्ग है जिसने 2024 के चुनाव में ट्रंप की जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी।
क्या हत्या की कोशिश के बाद नहीं मिली सहानुभूति?
आमतौर पर किसी राजनेता पर हमले की कोशिश के बाद उनकी लोकप्रियता में उछाल (Sympathy Wave) देखा जाता है, लेकिन हाल ही में ट्रंप पर हुए हमले की कोशिश का जनता की राय पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। सर्वे से स्पष्ट है कि अमेरिकी जनता अब 'भावनात्मक मुद्दों' के बजाय 'आर्थिक सुरक्षा' और 'शांति' को अधिक प्राथमिकता दे रही है।
राजनीतिक परिणाम: रिपब्लिकन पार्टी के लिए चेतावनी
यदि यह रुझान जारी रहा, तो आगामी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को संसद (Congress) के दोनों सदनों में बहुमत खोना पड़ सकता है। डेमोक्रेटिक पार्टी इस स्थिति का फायदा उठाने के लिए पहले ही "ट्रंप की महंगाई" और "युद्ध का बोझ" जैसे मुद्दों को हवा दे रही है।