यूपी में स्वास्थ्य क्रांति: योगी बोले 'अब सस्ता होगा इलाज, हर जिले में मेडिकल कॉलेज और प्रदेश में बनेंगे फार्मा-डिवाइस पार्क'
India News Live,Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बड़ा विजन साझा किया है। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी में आयोजित नेशनल इंटरवेंशनल काउंसिल 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यूपी अब 'बीमारू' राज्यों की श्रेणी से बाहर निकल चुका है। सरकार का अगला लक्ष्य दवाओं और मेडिकल उपकरणों के मामले में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे मरीजों को सस्ता और सुलभ इलाज मिल सके।
फार्मा और मेडिकल डिवाइस पार्क की सौगात
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में इलाज के खर्च को कम करने के लिए दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है:
मेडिकल डिवाइस पार्क: यहाँ इलाज में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों (जैसे वेंटिलेटर, डायलिसिस मशीन आदि) का निर्माण होगा। इसके लिए आईआईटी (IIT) के इंजीनियर और डॉक्टर मिलकर शोध (Research) करेंगे।
फार्मा पार्क: दवाओं के निर्माण के लिए फार्मा पार्क विकसित किए जा रहे हैं, ताकि यूपी दवाओं का हब बन सके और मरीजों को किफायती दर पर दवाएं मिलें।
10 साल में बदला परिदृश्य: 17 से 81 हुए मेडिकल कॉलेज
सीएम योगी ने स्वास्थ्य ढांचे में आए बदलाव के आंकड़े पेश करते हुए कहा:
मेडिकल कॉलेज: 10 साल पहले यूपी में मात्र 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 81 हो गई है।
एम्स (AIIMS): प्रदेश में अब दो एम्स (गोरखपुर और रायबरेली) संचालित हैं।
वर्चुअल स्वास्थ्य सेवा: लखनऊ के पीजीआई (SGPGI) और केजीएमयू (KGMU) में टेली-आईसीयू (Tele-ICU) और टेली-कन्सल्टेंसी की सुविधा शुरू की गई है, जिससे दूर-दराज के मरीजों को विशेषज्ञों की सलाह मिल सकेगी।
"किडनी खराब तो चल जाएगा, हार्ट ब्लॉक तो दूसरे लोक की यात्रा"
हृदय रोगों के प्रति आगाह करते हुए मुख्यमंत्री ने एक गंभीर लेकिन व्यावहारिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा:
"किडनी खराब होने पर व्यक्ति डायलिसिस के सहारे चल सकता है, लेकिन अगर हार्ट ब्लॉक हुआ, तो सीधे दूसरे लोक की यात्रा प्रारंभ हो जाती है। इसलिए बचाव (Prevention) और जागरूकता (Awareness) पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।"
इलाज के लिए आर्थिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब किसी गरीब को इलाज के खर्च की चिंता करने की जरूरत नहीं है:
आयुष्मान भारत: दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम के तहत 5 लाख तक का फ्री इलाज मिल रहा है।
मुख्यमंत्री रिलीफ फंड: वर्ष 2025 में सीएम रिलीफ फंड से 1400 करोड़ रुपये की सहायता लोगों के इलाज के लिए जारी की गई।
हर जिले में आईसीयू: यूपी के लगभग हर जिले में सरकारी आईसीयू और कैथलैब की सुविधा सुनिश्चित की गई है।
यूपी की स्वास्थ्य प्रगति: एक नज़र में
| क्षेत्र | स्थिति (10 साल पहले) | वर्तमान स्थिति (2026) |
|---|---|---|
| सरकारी मेडिकल कॉलेज | 17 | 81 |
| एम्स (AIIMS) | 0 | 02 |
| हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर | सीमित आईसीयू/कैथलैब | लगभग हर जिले में आईसीयू/कैथलैब |
| तकनीक | पारंपरिक इलाज | टेली-मेडिसिन और टेली-आईसीयू |
मुख्यमंत्री ने अंत में जोर दिया कि "स्वस्थ भारत" के बिना "सशक्त भारत" का सपना अधूरा है, और उत्तर प्रदेश इस दिशा में अपनी पूरी शक्ति लगा रहा है।