June 20 2026 02:56 pm

आज ज्येष्ठ षष्ठी पर महासंयोग, सिद्धि योग में चमकने वाली है इन राशियों की किस्मत, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

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सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले सही तिथि, नक्षत्र और योग का आंकलन करना बेहद जरूरी माना जाता है। आज यानी 20 जून 2026, शनिवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से बेहद खास होने वाला है, क्योंकि आज आकाश मंडल में सफलता दिलाने वाला 'सिद्धि योग' और 'रवि योग' एक साथ बन रहे हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, आज अरण्य षष्ठी और माता विन्ध्यवासिनी की विशेष पूजा का भी विधान है। अगर आप आज कोई नया व्यवसाय, वाहन खरीदारी या मांगलिक कार्य शुरू करना चाहते हैं, तो पंचांग के शुभ-अशुभ समय को नोट करना न भूलें।

आज का पंचांग और ग्रहों की स्थिति

आज विक्रम संवत 2083 (द्वितीय शुद्ध ज्येष्ठ मास) और शक संवत 1948 प्रचलित है। पंजाब पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ मास की 6 प्रविष्टे है। वहीं इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक आज 04 मोहर्रम 1448 हिजरी है। आज सूर्य देव उत्तरायण में रहेंगे और चंद्रमा पूरे दिन-रात सिंह राशि में संचार करेंगे, जिससे कुछ विशेष राशियों के लिए पराक्रम और प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं।

तिथि और नक्षत्र का अद्भुत संयोग

आज ज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी तिथि दोपहर 03 बजकर 46 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद सप्तमी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। नक्षत्रों की बात करें तो सुबह 09 बजकर 25 मिनट तक मघा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र लग जाएगा। योग के लिहाज से दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक वज्र योग रहेगा और उसके तुरंत बाद सबसे कल्याणकारी 'सिद्धि योग' शुरू हो जाएगा, जो आपके अटके हुए कामों को पूरा करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

शनिदेव की कृपा पाने का विशेष शनिवार

आज शनिवार का दिन है और यह पूरी तरह न्याय के देवता भगवान शनिदेव को समर्पित है। यदि आपकी कुंडली में शनि की ढैय्या, साढ़ेसाती या कोई अन्य दोष है, तो आज का दिन उसे शांत करने के लिए सबसे उत्तम है। आज शाम के समय सूर्यास्त के बाद किसी पीपल के पेड़ के पास या घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं। शनिदेव को काले तिल, नीले फूल और शमी पत्र अर्पित करें। इसके बाद शांत मन से 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। आज के दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को काली उड़द, छाता या जूतों का दान करने से शनि देव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और जीवन के सारे कष्ट दूर कर देते हैं।

सिद्धि योग और रवि योग में करें ये अचूक उपाय

आज सुबह 05 बजकर 24 मिनट से लेकर सुबह 09 बजकर 25 मिनट तक 'रवि योग' का प्रभाव रहेगा, जो हर प्रकार के दोषों को नष्ट करता है। इसके बाद शुरू होने वाला 'सिद्धि योग' मंत्र साधना, नए व्यापारिक सौदों और किसी भी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए सबसे फलदायी माना गया है। इस योग में की गई पूजा-पाठ का फल कई गुना होकर वापस मिलता है।

आज का सूर्योदय और चंद्रोदय का समय

सूर्योदय: सुबह 05:24 बजे

सूर्यास्त: शाम 07:22 बजे

चंद्रोदय: सुबह 10:54 बजे

चंद्रास्त: रात 11:36 बजे

आज के सबसे शुभ मुहूर्त (इन समयों पर करें शुरुआत)

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:03 बजे से 04:43 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ समय): सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:42 बजे से 03:38 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:20 बजे से 07:41 बजे तक

अमृत काल: सुबह 07:06 बजे से 08:39 बजे तक

रवि योग: सुबह 05:24 बजे से सुबह 09:25 बजे तक

सावधान! आज का अशुभ समय (राहुकाल)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल और यमगण्ड काल में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए, अन्यथा कार्यों में विघ्न आ सकता है।

राहुकाल: सुबह 08:53 बजे से 10:38 बजे तक

यमगण्ड काल: दोपहर 02:07 बजे से 03:52 बजे तक

वर्ज्य काल: शाम 05:27 बजे से 07:04 बजे तक

दिन का चौघड़िया मुहूर्त

काल (हानि): सुबह 05:24 बजे से 07:08 बजे तक

शुभ (उत्तम): सुबह 07:08 बजे से 08:53 बजे तक

रोग (अमंगल): सुबह 08:53 बजे से 10:38 बजे तक

उद्वेग (अशुभ): सुबह 10:38 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक

चर (सामान्य): दोपहर 12:23 बजे से 02:07 बजे तक

लाभ (उन्नति): दोपहर 02:07 बजे से 03:52 बजे तक

अमृत (सर्वोत्तम): दोपहर 03:52 बजे से शाम 05:37 बजे तक

काल (हानि): शाम 05:37 बजे से 07:22 बजे तक

रात का चौघड़िया मुहूर्त

लाभ (उन्नति): शाम 07:22 बजे से रात 08:37 बजे तक

उद्वेग (अशुभ): रात 08:37 बजे से 09:52 बजे तक

शुभ (उत्तम): रात 09:52 बजे से 11:08 बजे तक

अमृत (सर्वोत्तम): रात 11:08 बजे से रात 12:23 बजे तक (21 जून)

चर (सामान्य): रात 12:23 बजे से 01:38 बजे तक (21 जून)