4 साल बाद वापसी कर रहा है Google का Android Dev Summit: Android 18 और AI टूल्स पर रहेगा पूरा फोकस
टेक दिग्गज गूगल ने पूरी दुनिया के डेवलपर्स और टेक लवर्स को एक बड़ा सरप्राइज देते हुए अपने सबसे प्रतिष्ठित इवेंट्स में से एक 'Android Dev Summit' की वापसी का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। गूगल का यह समर्पित एंड्रॉयड इवेंट आखिरी बार साल 2022 में आयोजित किया गया था। अब पूरे 4 साल के लंबे इंतजार के बाद यह सम्मेलन एक बार फिर भव्य रूप में आयोजित होने जा रहा है। दो दिवसीय 'Android Dev Summit 2026' का आयोजन 28 और 29 अक्टूबर को गूगल के कैलिफोर्निया स्थित माउंटेन व्यू हेडक्वार्टर (Bay View Event Centre) में होगा। इसके साथ ही यूरोप, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के डेवलपर्स के लिए 28 अक्टूबर को लंदन में भी इसका विशेष संस्करण आयोजित किया जाएगा।
गूगल का यह सम्मेलन कोई आम इवेंट नहीं है, बल्कि यह वह मंच है जहां से भविष्य के एंड्रॉयड इकोसिस्टम की दशा और दिशा तय होती है। पिछले कुछ वर्षों में जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एजेंटिक कंप्यूटिंग ने टेक इंडस्ट्री की तस्वीर बदल दी है, वहीं 4 साल बाद हो रहे इस आयोजन में एंड्रॉयड के कई क्रांतिकारी फीचर्स की पहली झलक देखने को मिलने वाली है।
1. Android 18 की पहली झलक और एजेंडा टीज़र
इस इवेंट की सबसे बड़ी हाइलाइट गूगल के आगामी ऑपरेटिंग सिस्टम Android 18 से जुड़ी आधिकारिक जानकारियां होंगी। गूगल ने अपने आधिकारिक एजेंडे में Android 18 का नाम शामिल करके टेक जगत में हलचल तेज कर दी है।
कंपनी के अनुसार, इस समिट में Android 18 के तहत आने वाले नए कोर आर्किटेक्चर, बैकग्राउंड प्रोसेसिंग सुधार और सिक्योरिटी मॉडल्स पर चर्चा की जाएगी। हालांकि पूरा ऑपरेटिंग सिस्टम आम जनता के लिए तुरंत रोलआउट नहीं होगा, लेकिन डेवलपर्स को यह साफ तौर पर समझ आ जाएगा कि अगले साल उनके फोन का यूजर इंटरफेस और ऐप परफॉर्मेंस किस तरह बदलने वाला है।
2. ऐप्स में डीप AI इंटीग्रेशन और ऑन-डिवाइस जेमिनी
4 साल पहले जब 2022 में यह समिट हुआ था, तब जेनरेटिव एआई शुरुआती दौर में था। लेकिन 2026 के इस इवेंट का मुख्य केंद्र बिंदु एंड्रॉयड ऐप्स में सीधे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं को जोड़ना रहेगा।
स्मार्ट ऐप फंक्शंस: डेवलपर्स को ऐसे नए टूल्स और एपीआई (APIs) दिए जाएंगे, जिससे वे अपने सामान्य ऐप्स में भी बिना क्लाउड पर निर्भर रहे ऑन-डिवाइस एआई फीचर्स जोड़ सकेंगे।
सिस्टम-लेवल इंटेलिजेंस: गूगल यह प्रदर्शित करेगा कि कैसे एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम केवल एक प्लेटफॉर्म न रहकर एक 'इंटेलिजेंस सिस्टम' बन रहा है, जो यूजर के व्यवहार को समझकर ऐप्स के बीच रियल-टाइम एक्शन ले सकता है।
3. Jetpack Compose और नए ग्राफिक्स फीचर्स
गेमिंग और विजुअल ऐप एक्सपीरियंस को अगले स्तर पर ले जाने के लिए गूगल अपने आधुनिक यूआई टूलकिट 'Jetpack Compose' में नए और शक्तिशाली ग्राफिक्स फीचर्स पेश करने जा रहा है।
इवेंट के तकनीकी सेशंस में यह दिखाया जाएगा कि डेवलपर्स 3D ग्राफिक्स, स्मूद एनिमेशन्स, और डायनामिक शेडर्स को बिना फोन की बैटरी और रैम पर अतिरिक्त दबाव डाले कैसे लागू कर सकते हैं। इसके अलावा फोल्डेबल स्क्रीन्स, टैबलेट्स और बड़े डिस्प्ले वाले डिवाइसेज के लिए ऐप्स को ऑटो-अडॉप्ट करने के नए फ्रेमवर्क पेश किए जाएंगे।
4. Android XR: मिक्स रियलिटी और नए फॉर्म फैक्टर्स
इवेंट में केवल स्मार्टफोन्स की ही बात नहीं होगी, बल्कि गूगल के मिक्स्ड रियलिटी प्लेटफॉर्म 'Android XR' पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
सैमसंग और अन्य हार्डवेयर पार्टनर्स के साथ मिलकर तैयार किए जा रहे स्मार्ट आईवियर, एआर ग्लासेज और हेडसेट्स के लिए एंड्रॉयड कैसे काम करेगा, इसके लिए नए डेवलपमेंट टूल्स जारी किए जाएंगे। डेवलपर्स को यह सिखाया जाएगा कि वे 2D ऐप्स को आसानी से स्पेशल (स्थानिक) 3D इंटरफेस में कैसे बदल सकते हैं।
केवल इनवाइट-ओनली रहेगा इवेंट, लाइव स्ट्रीम भी होगी उपलब्ध
गूगल का यह सम्मेलन बेहद एक्सक्लूसिव रहने वाला है। माउंटेन व्यू और लंदन दोनों ही जगहों पर इन-पर्सन अटेंडेंस केवल चुनिंदा प्रोफेशनल्स और इनवाइट-ओनली डेवलपर्स के लिए सीमित रखी गई है, जिसके लिए पहले से रजिस्ट्रेशन जरूरी किया गया है। हालांकि, दुनिया भर के टेक लवर्स और डेवलपर्स को निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि गूगल मुख्य लीडरशिप कीनोट और प्रमुख तकनीकी सेशंस का लाइव प्रसारण अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल और डेवलपर पोर्टल पर करेगा।