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September 30 2026 05:21 am

'अगर SIR में गड़बड़ी है तो प्रियंका गांधी चुनाव कैसे जीतीं?' चिराग पासवान का विपक्ष पर तीखा हमला

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चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी 'SIR' (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर छिड़े सियासी संग्राम के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर सीधा हमला बोला है। विपक्ष पर 'सिलेक्टिव क्रिटिसिज्म' (सुविधा की राजनीति) का आरोप लगाते हुए चिराग पासवान ने सवाल किया कि यदि चुनावी प्रक्रिया और एसआईआर में इतनी ही गंभीर खामियां हैं, तो प्रियंका गांधी वाड्रा चुनाव कैसे जीत गईं?

चिराग पासवान ने विपक्ष के दोहरे रवैये पर उंगली उठाते हुए कहा कि जब विपक्ष या कांग्रेस चुनाव जीतती है, तब पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सही मान ली जाती है, लेकिन जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जीत होती है, वहां तुरंत चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े किए जाने लगते हैं।

'चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण से पूरी तरह संतुष्ट': चिराग

दिल्ली में मीडिया से मुखातिब होते हुए चिराग पासवान ने कहा कि शुरुआत में जब मीडिया रिपोर्ट्स और विपक्षी बयानों के जरिए एसआईआर और फॉर्म-6 को लेकर सवाल उठे थे, तो उनकी भी कुछ चिंताएं थीं।

चिराग ने कहा, "जनता की चिंताओं और आशंकाओं को उठाना हमारी प्राथमिकता रही है। लेकिन चुनाव आयोग ने जिस तरह सामने आकर उठाए गए एक-एक मुद्दे और सवाल का बिंदुवार व तार्किक जवाब दिया है, उससे मैं पूरी तरह संतुष्ट हूं। अब बेवजह एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था की साख पर प्रश्नचिह्न लगाना गलत है। यदि विपक्ष के पास मतदाता सूची में हेरफेर का कोई भी ठोस सबूत है, तो उसे देश के सामने और चुनाव आयोग के समक्ष रखना चाहिए। केवल अनर्गल आरोप लगाने से लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान होता है।"

केरल और हिमाचल का जिक्र कर विपक्ष से पूछे सीधे सवाल

चिराग पासवान ने विपक्ष की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कई राज्यों के चुनावी नतीजों का उदाहरण दिया:

प्रियंका गांधी की जीत का उदाहरण: चिराग ने कहा कि अगर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी थी, तो प्रियंका गांधी वायनाड से इतने बड़े अंतर से चुनाव कैसे जीत सकीं? अपनी जीत पर तो कांग्रेस ने कभी इस प्रक्रिया को गलत नहीं बताया।

राज्यों में विपक्षी सरकारें: चिराग ने पूछा कि केरल और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकारें कैसे बनीं? क्या वहां चुनाव अलग व्यवस्था से हुए थे?

एक ही प्रक्रिया पर दोहरे मानदंड क्यों: चिराग पासवान ने जोर देकर कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि एक ही नियम और एक ही व्यवस्था आपकी जीत पर सही हो जाए और हारने पर 'धांधली' बन जाए। अगर सवाल उठाने हैं, तो सभी राज्यों और सभी नतीजों पर एक समान मापदंड लागू होने चाहिए।

'यूथ बोले तो' कार्यक्रम और यूपी में सियासी विस्तार

बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने अपनी पार्टी द्वारा शुरू किए गए 'यूथ बोले तो' अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस मंच के माध्यम से युवाओं को अपनी आकांक्षाएं, असहमति, चिंताएं और सुझाव खुलकर साझा करने का अवसर मिल रहा है। पटना के बाद प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं के जबरदस्त समर्थन से उत्साहित चिराग ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की चुनावी सोच को मजबूती मिल रही है और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी पूरे दमखम के साथ उतरेगी।

विपक्षी दलों की प्रस्तावित बैठक पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने केवल "शुभकामनाएं" कहकर तंज कसा और दोहराया कि विपक्ष जब तक अपनी नकारात्मक और सुविधावादी राजनीति से बाहर नहीं निकलेगा, तब तक देश की जनता उस पर भरोसा नहीं जताएगी।