Gold Investment Tax Rules 2026: भौतिक सोना, ETF या बॉन्ड? खरीदने से पहले जान लें कहां लगेगा सबसे कम टैक्स

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India News Live,Digital Desk : भारतीय बाजारों में सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। जहां 10 ग्राम सोने की कीमतें ₹1.93 लाख के स्तर से गिरकर ₹1.55 लाख तक आ गई हैं, वहीं निवेशक इस गिरावट का फायदा उठाने के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोना केवल खरीदने से मुनाफा नहीं होता, बल्कि उसे बेचने पर लगने वाला टैक्स आपके 'नेट प्रॉफिट' को काफी कम कर सकता है? बजट के बाद बदले गए पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) के नियमों ने सोने के हर निवेश विकल्प की गणित बदल दी है।

1. भौतिक सोना (Physical Gold): गहने और सिक्कों पर टैक्स

बाजार से सोने के गहने या सिक्के खरीदना सबसे पुराना तरीका है, लेकिन यह टैक्स के लिहाज से थोड़ा महंगा पड़ता है।

खरीदते समय: आपको सोने की कीमत पर 3% GST देना होता है। यदि आप गहने बनवा रहे हैं, तो मेकिंग चार्ज पर 5% अलग से GST लगता है।

बेचते समय (नया नियम): यदि आप 24 महीने (2 साल) के बाद सोना बेचते हैं, तो मुनाफे पर 12.5% LTCG (दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर) लगेगा। ध्यान रहे, अब 'इंडेक्सेशन' (महंगाई के अनुसार खरीद मूल्य एडजस्ट करना) का लाभ खत्म कर दिया गया है। 24 महीने से पहले बेचने पर लाभ आपकी आय में जुड़ेगा और आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा।

2. गोल्ड ईटीएफ और म्यूचुअल फंड (Paper Gold)

शेयर बाजार के जरिए 'पेपर गोल्ड' में निवेश करने वालों के लिए होल्डिंग अवधि के नियम अलग हैं।

गोल्ड ETF: इसमें 12 महीने के बाद बिक्री करने पर 12.5% LTCG लगता है। 12 महीने से पहले बेचने पर यह आपके इनकम टैक्स स्लैब के दायरे में आएगा।

गोल्ड म्यूचुअल फंड: इसके लिए होल्डिंग अवधि 24 महीने तय की गई है। 2 साल के बाद ही आपको 12.5% के रियायती टैक्स का लाभ मिलेगा।

3. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB): सबसे ज्यादा फायदे वाला सौदा

अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं, तो SGB आज भी सबसे आकर्षक विकल्प है।

टैक्स फ्री मैच्योरिटी: यदि आप बॉन्ड को उसकी पूरी अवधि (8 साल) तक रखते हैं, तो मिलने वाला मुनाफा पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है।

अर्ली एग्जिट: यदि आप इसे मैच्योरिटी से पहले शेयर बाजार (Secondary Market) में बेचते हैं, तो होल्डिंग अवधि के आधार पर 12.5% या स्लैब रेट के अनुसार टैक्स लगेगा।

4. विरासत में मिले सोने पर क्या हैं नियम?

अक्सर लोग इस बात को लेकर भ्रमित रहते हैं कि पुश्तैनी या विरासत में मिले सोने पर क्या टैक्स लगेगा।

वसीयत या उपहार में सोना मिलने पर कोई तत्काल टैक्स नहीं देना होता।

लेकिन, जब आप इसे बेचेंगे, तो होल्डिंग अवधि की गणना 'मूल मालिक' द्वारा खरीदे गए दिन से की जाएगी। यदि कुल समय 24 महीने से अधिक है, तो मुनाफे पर 12.5% टैक्स देना होगा।

5. टैक्स बचाने का खास 'फॉर्मूला': धारा 54F

यदि आपने सोना बेचकर बड़ा मुनाफा कमाया है और आप टैक्स बचाना चाहते हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 54F आपकी मदद कर सकती है। यदि आप सोने की बिक्री से प्राप्त पूरी राशि का उपयोग एक नया रिहायशी घर खरीदने में करते हैं, तो आपको पूंजीगत लाभ कर से पूरी छूट मिल सकती है।