Ganga Dussehra 2026 : मलमास का विशेष संयोग, जानिए क्यों है इस बार का दान-पुण्य और भी फलदायी
India News Live,Digital Desk : इस वर्ष गंगा दशहरा का पर्व अत्यंत विशेष और शुभ संयोग लेकर आ रहा है। पंचांग के अनुसार, इस साल अधिकमास (मलमास) की उपस्थिति के कारण ज्येष्ठ मास की महत्ता और भी बढ़ गई है। 17 मई से अधिकमास शुरू होने के कारण इस बार दो ज्येष्ठ मास पड़ रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप गंगा दशहरा मलमास की अवधि में मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं में अधिकमास भगवान विष्णु का प्रिय मास माना जाता है, इसलिए इस दौरान किए गए दान, पुण्य, जप और तप का फल सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक प्राप्त होता है।
गंगा दशहरा 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष गंगा दशहरा 25 मई 2026 को मनाया जाएगा।
दशमी तिथि का आरंभ: 25 मई, सुबह 04:28 बजे से।
दशमी तिथि का समापन: 26 मई, भोर में 05:11 बजे तक।
उदया तिथि की गणना के अनुसार, पर्व 25 मई को ही मनाया जाना शास्त्रसम्मत है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि, आयुष्मान, शोभन, सौभाग्य और अमृत योग जैसे दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं, जो इस दिन को और भी अधिक फलदायी बनाते हैं।
क्यों खास है इस बार का गंगा दशहरा?
ब्रह्मपुराण के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन मां गंगा में स्नान करने से दस प्रकार के पापों (तीन कायिक, चार वाचिक तथा तीन मानसिक) का शमन होता है। इस साल अधिकमास का संयोग होने के कारण, यदि आप इस दिन गंगा स्नान करते हैं और दान-पुण्य के कार्य करते हैं, तो यह आपके लिए अत्यंत कल्याणकारी सिद्ध होगा।
गंगा स्नान और दान का महत्व
गंगा जल के औषधीय और आध्यात्मिक गुणों के कारण यह माना जाता है कि गंगा स्नान से न केवल शारीरिक व्याधियां दूर होती हैं, बल्कि ग्रहों के दुष्प्रभाव, मातृ-पितृ दोष और अन्य सांसारिक भय व बंधनों से भी मुक्ति मिलती है। इस दिन दान-पुण्य के कार्यों का विशेष महत्व है, क्योंकि अधिकमास में किए गए धर्म-कर्म का फल कई गुना होकर मिलता है।