G. Ramji Yojana : गांवों के विकास की नई शुरुआत या राजनीति का नया मोड़
India News Live,Digital Desk : प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्र सरकार की “जी राम जी” योजना को गांवों के विकास के लिए निर्णायक कदम बताया है। उनका कहना है कि यह योजना न सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि वर्षों से चले आ रहे भ्रष्टाचार पर भी सीधा प्रहार करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की कांग्रेस सरकारों के दौर में मनरेगा के तहत 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला हुआ, जिससे योजना की मूल भावना ही प्रभावित हो गई थी।
मंगलवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत के संकल्प को जमीन पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। जी राम जी कानून उसी सोच का परिणाम है, जिससे मनरेगा में पारदर्शिता आएगी और मजदूरों को अब 100 के बजाय 125 दिन का रोजगार मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ज्यादातर काम कागजों तक सीमित रहते थे। कई जगह सिर्फ गड्ढा खोदने और भरने जैसे काम दिखाए जाते थे, जबकि गांवों की सड़कों, नालियों और अन्य जरूरी ढांचागत जरूरतों पर ध्यान नहीं दिया जाता था। जी राम जी कानून लागू होने के बाद गांवों में सड़क, नाली और अन्य विकास कार्य व्यवस्थित तरीके से हो सकेंगे। इससे योजनाओं में दोहराव खत्म होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा में हुए बदलावों को लेकर बेवजह भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले 100 दिन के रोजगार की गारंटी होने के बावजूद खेती के मौसम में मजदूरों को पूरा काम नहीं मिल पाता था। अब नई व्यवस्था में 60 दिन का कृषि कार्य भी योजना के दायरे में आएगा, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को ज्यादा लाभ मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले योजना का फायदा चुनिंदा लोगों तक सीमित रहता था। अब गांवों को तीन श्रेणियों में बांटकर विकास किया जाएगा। जहां पहले स्कूल में केवल चारदीवारी बनती थी, अब उसी स्कूल में प्रयोगशाला जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा सकेंगी। रोजगार कार्ड की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब कार्ड तीन साल के लिए बनेगा और हर तीन साल में उसका नवीनीकरण होगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विपक्ष के नेता 2027 को लेकर जो सपने देख रहे हैं, वे हकीकत से दूर हैं। उनका कहना था कि आने वाले वर्षों में विपक्ष सत्ता के आसपास भी नजर नहीं आएगा। वहीं, शिवपाल यादव के बयान और कानपुर संगठन से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर सभी मुद्दे बातचीत से सुलझा लिए जाएंगे।