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May 07 2026 05:05 pm

आधी रात को अकेली बस स्टॉप पर खड़ी रहीं महिला पुलिस कमिश्नर, 3 घंटे में पास आए 40 मनचले

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India News Live, Digital Desk: शहर की सड़कों पर महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं? इस सवाल का जवाब फाइलों और शिकायतों में तलाशने के बजाय हैदराबाद की मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नर (CP) आईपीएस बी. सुमति ने खुद 'ग्राउंड जीरो' पर उतरने का फैसला किया। एक साहसिक और अनोखे प्रयोग के तहत महिला कमिश्नर आधी रात को अंडरकवर होकर बस स्टॉप पर खड़ी हो गईं। बिना किसी सुरक्षा और बिना किसी पुलिस बल के किए गए इस रियलिटी चेक ने सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी।

रात 12:30 से 3:30 बजे तक 'अंडरकवर' ऑपरेशन

यह विशेष अभियान आधी रात के बाद शुरू हुआ। आईपीएस सुमति साधारण नागरिक की तरह सिविल ड्रेस में मलकाजगिरी के एक बस स्टॉप पर अकेली खड़ी रहीं। इस दौरान उन्होंने अपने साथ कोई गार्ड या पुलिस की गाड़ी नहीं रखी थी। वह यह अनुभव करना चाहती थीं कि जब एक आम महिला रात के सन्नाटे में सड़क पर निकलती है, तो उसे किन चुनौतियों और किस तरह के व्यवहार का सामना करना पड़ता है।

3 घंटे में 40 पुरुष पहुंचे पास, कई थे नशे में धुत

हैरान करने वाली बात यह रही कि महज तीन घंटे के भीतर लगभग 40 पुरुष उनके पास आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर पुरुष शराब या गांजे के नशे में थे। इनमें कॉलेज जाने वाले छात्रों से लेकर युवा तक शामिल थे। इन मनचलों को इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि जिस महिला को वे परेशान करने या बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं, वह शहर की सबसे शक्तिशाली पुलिस अधिकारी है।

जेल नहीं, काउंसलिंग का रास्ता: व्यवहार बदलने पर जोर

आमतौर पर ऐसी घटनाओं के बाद पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करती है, लेकिन आईपीएस सुमति ने एक अलग रास्ता चुना। पुलिस ने उन सभी व्यक्तियों की पहचान की, लेकिन उन्हें जेल भेजने के बजाय काउंसलिंग के लिए बुलाया। उन्हें महिलाओं के प्रति सम्मान और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाया गया। पुलिस का मानना है कि केवल दंड देने से समाज नहीं बदलेगा, बल्कि लोगों के व्यवहार और सोच में बदलाव लाना जरूरी है।

25 साल बाद फिर दोहराया 'काजीपेट' का इतिहास

आईपीएस बी. सुमति के लिए यह पहला मौका नहीं था। करीब 25 साल पहले जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत काजीपेट में डीएसपी (DSP) के रूप में की थी, तब भी रेलवे स्टेशन के पास उन्होंने इसी तरह का अंडरकवर ऑपरेशन किया था। उनकी इस कार्यशैली की देशभर में तारीफ हो रही है।

कौन हैं जांबाज ऑफिसर बी. सुमति?

तेलंगाना कैडर की वरिष्ठ अधिकारी सुमति ने इसी साल 1 मई को मलकाजगिरी की पहली महिला पुलिस कमिश्नर के रूप में कार्यभार संभाला है। इससे पहले वह राज्य खुफिया ब्यूरो (SIB) की प्रमुख रह चुकी हैं और माओवादियों के आत्मसमर्पण अभियानों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वह पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए भी जानी जाती हैं।