यूपी में प्रचंड गर्मी और हीटवेव: पारा 47 डिग्री के पार, वैज्ञानिकों ने बताए तापमान बढ़ने के 5 बड़े कारण

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। बांदा जैसे शहरों में तापमान देश में सबसे अधिक दर्ज किया जा रहा है, और स्थिति यह है कि दिन के साथ-साथ अब रातें भी झुलसा रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस सीजन में हीटवेव का प्रभाव सामान्य से अधिक तीव्र है। कृषि विज्ञान केंद्र, बिचपुरी के मौसम एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरएस चौहान ने इस भीषण तपिश के पीछे पांच प्रमुख कारणों को जिम्मेदार ठहराया है।

तापमान बढ़ने के 5 प्रमुख कारण:

कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances): आमतौर पर अप्रैल-मई में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल छाते हैं और बारिश से राहत मिलती है। इस बार इनके आने में लंबे अंतराल (ब्रेक) रहे हैं, जिसके कारण लगातार तेज धूप और गर्म हवाओं का दौर बना हुआ है।

राजस्थान से आने वाली शुष्क हवाएं: पाकिस्तान और राजस्थान की ओर से आ रही बेहद गर्म और सूखी हवाओं ने पूरे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब को अपनी चपेट में ले रखा है। साथ ही, मिट्टी में नमी कम होने के कारण जमीन तेजी से गर्म हो रही है, जिससे तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है।

जलवायु परिवर्तन (Climate Change): पिछले कुछ वर्षों से औसत तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। वैज्ञानिक अध्ययनों के मुताबिक, अब हीटवेव पहले की तुलना में अधिक लंबी, तीव्र और बार-बार आने वाली घटना बन गई है।

समुद्री तापमान और एलनीनो का प्रभाव: प्रशांत महासागर में एलनीनो जैसी स्थितियों के कारण भी वैश्विक गर्मी का स्तर बढ़ा है। इसका सीधा असर न केवल तापमान पर, बल्कि आने वाले मानसून की रफ्तार और वर्षा के पैटर्न पर भी पड़ने की आशंका है।

अर्बन हीट आईलैंड (Urban Heat Island): यह गर्मी बढ़ने का सबसे बड़ा मानवीय कारण है। शहरों में बढ़ते कंक्रीट के जंगल (बहुमंजिला इमारतें), अत्यधिक ट्रैफिक, एसी से निकलने वाली गर्म हवा और कम होती हरियाली के कारण शहरी क्षेत्रों का तापमान आसपास के ग्रामीण इलाकों की तुलना में काफी अधिक हो जाता है।

कब मिलेगी राहत?

मौसम विभाग का अनुमान है कि अभी आगामी 4 से 5 दिनों तक प्रचंड हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। वैज्ञानिक डॉ. चौहान के अनुसार, इस सीजन में अभी लगभग 6 से 8 दिन हीटवेव के और रहने की संभावना है, जिसके बाद धीरे-धीरे मौसम में बदलाव और राहत की उम्मीद की जा सकती है।