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July 18 2026 05:38 pm

राम मंदिर दान चोरी कांड में बड़ा खुलासा: बिना पुलिस वेरिफिकेशन के 2 साल से नोट गिन रहे थे कर्मचारी

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अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मंदिर की आंतरिक सुरक्षा और भर्ती प्रक्रिया में हुई गंभीर लापरवाहियों की परतें खुलने लगी हैं। विशेष जांच दल (SIT) और स्थानीय पुलिस के वेरिफिकेशन (सत्यापन) अभियान में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि भक्तों द्वारा चढ़ाए गए करोड़ों रुपये की नकदी और सोने-चांदी को गिनने वाले कर्मचारियों को बिना पुलिस वेरिफिकेशन के ही नौकरी पर रख लिया गया था। हाल ही में शुरू हुई गहन जांच के दौरान नोटों की गिनती करने वाले 5 कर्मचारी पुलिस वेरिफिकेशन में फेल पाए गए हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।

2 साल से कर रहे थे काम, पुलिस केस होने के बाद भी नहीं थमी थी भर्ती

जांच अधिकारियों को मिले साक्ष्यों के अनुसार, मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन, निगरानी और आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हीलाहवाली की गई थी, जिसका जिक्र एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी है। निकाले गए ये पांचों कर्मचारी पिछले दो साल से अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले गणना कक्ष (Counting Room) में नोट और सिक्के गिनने का काम कर रहे थे।

हाल ही में जब जांच अधिकारियों को शक हुआ, तो उन्होंने वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों का एक-एक करके क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया। शुरुआती जांच में पहले 2 कर्मचारियों के खिलाफ पुराना पुलिस केस दर्ज होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें कार्यमुक्त किया गया। इसके बाद गहन जांच में 3 और कर्मचारी वेरिफिकेशन के मानकों पर खरे नहीं उतरे। इस प्रकार कुल 5 दागदार कर्मचारियों की छंटनी के बाद, अब गणना कक्ष में सिर्फ 12 भरोसेमंद कर्मचारी ही नोटों की गिनती का काम संभाल रहे हैं।

इस्तीफा दे चुके 23 कर्मचारियों का भी कराया जा रहा है वेरिफिकेशन

कुछ दिन पहले ही वेतन कम होने और काम के घंटे बढ़ाए जाने से नाराज होकर 23 अनुभवी गणना कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद केवल 13 कर्मचारी ही काम पर बचे थे, जिनमें बाद में दो पुराने कर्मचारी वापस लौट आए और संख्या 15 हो गई थी। अब 5 दागदार कर्मियों के निकलने से कर्मचारियों की भारी कमी हो गई है। आगामी सावन मेले (Sawan Mela 2026) के मद्देनजर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और चढ़ावे को देखते हुए भर्ती करने वाली निजी आउटसोर्सिंग एजेंसी पुराने अनुभवी कर्मचारियों को ही वापस बुलाने को प्राथमिकता दे रही है।

हालांकि, इस बार सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। ट्रस्ट और पुलिस प्रशासन के कड़े रुख के बाद, इस्तीफा दे चुके उन 23 कर्मचारियों का भी नए सिरे से पुलिस वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि इस्तीफा दे चुके कुछ अन्य कर्मियों पर भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।

मानकों पर कसेगी भर्ती, वेरिफिकेशन पास होने पर ही मिलेगी एंट्री

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अब यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि भविष्य में मंदिर परिसर के भीतर किसी भी संवेदनशील या सामान्य पद पर होने वाली नियुक्तियां पूरी तरह से कड़े सुरक्षा मानकों के तहत ही की जाएंगी। जब तक पुलिस विभाग संबंधित व्यक्ति के चरित्र और पूर्व इतिहास (Background Check) का क्लीन चिट सर्टिफिकेट जारी नहीं कर देता, तब तक किसी भी आउटसोर्स कर्मी को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।