बंगाल चुनाव से पहले ED का महा-ऐक्शन: I-PAC दफ्तर से लेकर पुलिस कमिश्नर तक रडार पर, 50 करोड़ का 'खेला' उजागर

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India News Live,Digital Desk : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले सूबे में सियासी पारे के साथ-साथ जांच एजेंसियों की तपिश भी बढ़ गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पिछले एक महीने के भीतर बंगाल में ताबड़तोड़ छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया है। चुनावी शोर के बीच ED ने करीब एक दर्जन ठिकानों पर रेड मारी है, जिसमें ममता सरकार की चुनावी रणनीतिकार कंपनी I-PAC, पूर्व मंत्री, रसूखदार कारोबारी और पुलिस के आला अधिकारी निशाने पर रहे हैं।

I-PAC पर सबसे बड़ी स्ट्राइक: डायरेक्टर गिरफ्तार

ED की कार्रवाई का सबसे बड़ा केंद्र तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था I-PAC रही है। 2 अप्रैल को एजेंसी ने I-PAC के दफ्तरों पर छापेमारी की थी। ED का दावा है कि कंपनी को भारी-भरकम अवैध फंडिंग हुई है, जिसका कोई हिसाब नहीं दिया गया। इसी कड़ी में 13 अप्रैल को I-PAC के डायरेक्टर विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया गया। जांच में अब तक करीब 50 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन के सबूत मिलने का दावा किया गया है।

कोयला घोटाला और 159 करोड़ की संपत्ति जब्त

ED की सक्रियता केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं रही। 14 अप्रैल को एजेंसी ने कोयला खनन घोटाले से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 159 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली। इसी मामले के तार I-PAC से भी जुड़े बताए जा रहे हैं, जिसके चलते जनवरी में भी छापेमारी की गई थी।

पुलिस महकमे में खलबली: डिप्टी कमिश्नर और कारोबारी निशाने पर

19 अप्रैल को ED ने कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास और कारोबारी जॉय कामदार के ठिकानों पर रेड मारकर सबको चौंका दिया।

आरोप: इन पर मनी लॉन्ड्रिंग, जमीन कब्जाने, उगाही और अवैध निर्माण के जरिए करोड़ों रुपये जुटाने का आरोप है।

अरेस्ट: कारोबारी जॉय कामदार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि हावड़ा के पुलिस कमिश्नर गौरव लाल को भी समन जारी किया गया है।

TMC ने बताया 'पॉलिटिकल वेंडेटा', ED ने दी सफाई

जहां एक तरफ सत्ताधारी दल TMC इन छापों को बीजेपी के इशारे पर की गई 'राजनीतिक बदले' की कार्रवाई बता रही है, वहीं ED के अधिकारियों का कहना है कि ये रेड लंबे समय से लंबित मामलों में की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, आर्थिक अपराधों और अवैध फंडिंग के नेटवर्क को ध्वस्त करना ही उनका मुख्य उद्देश्य है।