Dubai's security myth shattered: आसमान से बरसीं ईरानी मिसाइलें और ड्रोन, पांच सितारा होटलों में लगी आग; दहल गया मिडिल ईस्ट
India News Live,Digital Desk : जिसे दुनिया का सबसे सुरक्षित शहर और अमीरों की 'सेफ हेवन' माना जाता था, उस दुबई की चमक एक ही रात में फीकी पड़ गई है। ईरान द्वारा किए गए भीषण मिसाइल और ड्रोन हमलों ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत पूरे खाड़ी देशों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। दशकों से तटस्थ और सुरक्षित माने जाने वाले दुबई के आसमान में जब रॉकेटों की गूंज सुनाई दी, तो वहां मौजूद रूसी अरबपतियों से लेकर अमेरिकी सेलिब्रिटीज तक में हड़कंप मच गया।
540 ड्रोन और 165 मिसाइलों का तांडव: मलबे से पटीं सड़कें
यूएई रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों ने दुनिया को चौंका दिया है। रविवार को ईरान की ओर से कुल 540 से ज्यादा किलर ड्रोन, 165 बैलिस्टिक मिसाइलें और दो क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। हालांकि, डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन इसके बावजूद 21 नागरिक ठिकानों पर सटीक निशाने लगे। दुबई जैसे आधुनिक शहर में गगनचुंबी इमारतों के पास से गुजरती मिसाइलों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
पांच सितारा होटलों में आग, एयरपोर्ट पर मची अफरा-तफरी
हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुबई के कई आलीशान पांच सितारा होटलों में धमाकों के बाद आग लग गई। गगनचुंबी अपार्टमेंट टावरों की खिड़कियां चकनाचूर हो गई हैं। मिडिल ईस्ट के सबसे व्यस्त दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा है, जहां हमले के दौरान चार लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शी एलिजाबेथ रेमेंट ने बताया, "दुबई जैसे शहर में कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि सिर के ऊपर से मिसाइलें गुजरेंगी और सड़कों पर उनका मलबा गिरेगा।"
खाड़ी देशों में मौत का तांडव और आर्थिक हाहाकार
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस सप्ताहांत हुए हमलों में यूएई, कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान में कुल चार लोगों की मौत हुई है और 100 से अधिक लोग घायल हैं। इस सुरक्षा चूक का सीधा असर बाजार पर दिखा है। रविवार को सऊदी अरब, ओमान और बहरीन के शेयर बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गए। कुवैत ने तो अपने शेयर बाजार में कारोबार ही निलंबित कर दिया है। हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने के कारण हजारों पर्यटक विभिन्न हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं।
ईरान-यूएई के 'दोस्ताना' रिश्तों को लगा गहरा जख्म
हैरानी की बात यह है कि यूएई और विशेषकर दुबई ने हमेशा ईरान के साथ व्यापारिक संतुलन बनाए रखा था। दुबई ईरान के सबसे बड़े कारोबारी साझेदारों में से एक रहा है। जानकारों का मानना है कि इस हमले के बाद अब खाड़ी देशों के समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे। जो देश अब तक खुद को ईरान और अमेरिका की जंग से दूर मान रहे थे, वे अब सीधे तौर पर इस युद्ध की आग में झुलस रहे हैं।