समंदर में छिपा 'मौत का जाल': कैसे बिछाई जाती हैं समुद्री बारूदी सुरंगें, जो मिनटों में बड़े जहाजों को कर देती हैं खाक

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India News Live,Digital Desk : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) दुनिया का सबसे खतरनाक जलक्षेत्र बन गया है। अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान ने इस समुद्री रास्ते में करीब 6,000 बारूदी सुरंगें (Sea Mines) बिछाई हैं। ये सुरंगें इतनी घातक हैं कि एक छोटे से झटके से दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोत या तेल टैंकर को समंदर की गोद में सुला सकती हैं। अमेरिकी नौसेना ने अपनी इकाइयों को आदेश दिया है कि यदि कोई ईरानी नौका सुरंग बिछाते हुए दिखे, तो उसे तुरंत 'शूट' कर दिया जाए।

क्या होती हैं समुद्री बारूदी सुरंगें और इनका इतिहास?

समुद्री सुरंगें असल में पानी के भीतर छिपाए गए ऐसे विस्फोटक उपकरण हैं, जो किसी जहाज के संपर्क में आने या उसके करीब पहुंचने पर फट जाते हैं।

प्राचीन शुरुआत: इसका सबसे पहला इस्तेमाल 14वीं शताब्दी में चीन ने समुद्री लुटेरों के खिलाफ किया था।

आधुनिक युद्ध: प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान इनका बड़े पैमाने पर उपयोग हुआ।

आज ये सुरंगें इतनी एडवांस हो चुकी हैं कि इन्हें पहचानना और नष्ट करना दुनिया की सबसे बेहतरीन नौसेनाओं के लिए भी बड़ी चुनौती है।

समंदर में कैसे बिछाया जाता है यह 'खतरनाक जाल'?

समंदर में बारूदी सुरंगें बिछाने के कई तरीके और तकनीकें होती हैं, जो इन्हें और भी डरावना बनाती हैं:

कॉन्टैक्ट माइन्स (Contact Mines): ये सबसे पुरानी तकनीक है। ये पानी की सतह के नीचे एक लंगर (Anchor) से बंधी होती हैं। जैसे ही कोई जहाज इनसे टकराता है, इनमें विस्फोट हो जाता है।

मैग्नेटिक और प्रेशर माइन्स: ये सुरंगें जहाज के टकराने का इंतजार नहीं करतीं। ये जहाज की चुंबकीय तरंगों, पानी के दबाव में बदलाव या इंजन के शोर (Acoustic) को सेंस करके खुद ही फट जाती हैं।

तैरती सुरंगें (Drifting Mines): ये सबसे खतरनाक होती हैं क्योंकि ये लहरों और समुद्री धाराओं के साथ अपनी जगह बदलती रहती हैं। इन्हें ट्रैक करना लगभग नामुमकिन होता है।

बॉटम माइन्स: ये समंदर की तलहटी (Sea Bed) में छिपी रहती हैं और ऊपर से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाती हैं।

होर्मुज में क्यों बढ़ गया है सबसे बड़ा खतरा?

दुनिया का 20 प्रतिशत पेट्रोलियम व्यापार इसी होर्मुज के रास्ते होता है। ये जहाज करोड़ों गैलन ज्वलनशील तेल लेकर चलते हैं। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने इन रास्तों को ब्लॉक करने के लिए हजारों माइन्स बिछाई हैं। बारूदी सुरंगों को साफ करने का काम (Minesweeping) बेहद जटिल है। इसके लिए विशेष सोनार उपकरणों और रोबोटिक नौकाओं का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन लहरों के साथ सुरंगों की बदलती स्थिति इस काम को जोखिम भरा बना देती है।

खोजबीन में तकनीक का इस्तेमाल

एक बार सुरंग बिछ जाने के बाद उसे ढूंढना भूसे के ढेर में सुई खोजने जैसा है। नौसेनाएं सोनार (Sonar) तकनीक का उपयोग करती हैं, जो पानी के भीतर ध्वनि तरंगें भेजकर वस्तुओं की पहचान करती हैं। हालांकि, अगर विस्फोटक का एक छोटा हिस्सा भी बचा रह जाए, तो वह भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकता है। फिलहाल, अमेरिकी नौसेना के जहाज और ड्रोन होर्मुज की गहराई में इन 'छिपे हुए दुश्मनों' को ठिकाने लगाने में जुटे हैं।