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July 03 2026 05:38 am

सावधान! साइबर क्राइम की रिपोर्ट दर्ज कराते समय कहीं आप भी तो नहीं फंस रहे स्कैमर्स के जाल में? सरकार ने जारी की बड़ी चेतावनी

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देश में डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच, अब स्कैमर्स ने लोगों को ठगने का एक बेहद चौंकाने वाला और नया तरीका निकाल लिया है। इस बार अपराधियों ने किसी आम नागरिक को नहीं, बल्कि सीधे सरकार के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल को ही अपना हथियार बनाया है। केंद्र सरकार ने इस संबंध में एक गंभीर चेतावनी (Warning) जारी की है। इस नए स्कैम में उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है जो पहले से ही किसी साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं और उसकी शिकायत दर्ज कराने के लिए इंटरनेट पर सरकारी पोर्टल की तलाश कर रहे हैं।

कैसे काम कर रहा है स्कैमर्स का यह नया चक्रव्यूह?

साइबर अपराधी सरकार के असली पोर्टल की हूबहू नकल करते हुए नकली और फर्जी वेबसाइट्स (Phishing Websites) तैयार कर रहे हैं।

फर्जी स्क्रीनशॉट का खेल: अपराधी असली पोर्टल के स्क्रीनशॉट और लोगो (Logo) का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि वेबसाइट पूरी तरह असली दिखे।

सर्चिंग के दौरान टारगेट: जब कोई पीड़ित व्यक्ति गूगल या अन्य सर्च इंजन पर साइबर क्राइम रिपोर्ट करने के लिए कीवर्ड सर्च करता है, तो सर्च रिजल्ट में इन अपराधियों की फर्जी वेबसाइट भी दिखाई दे जाती है।

पर्सनल डेटा और पैसों की डिमांड: जैसे ही कोई यूजर गलती से इस फर्जी पोर्टल पर क्लिक करता है, तो वहां उसका पर्सनल डेटा (जैसे नाम, फोन नंबर, बैंकिंग डिटेल्स) चुराने की कोशिश की जाती है।

'आपका डिवाइस ब्लॉक हो गया है'— डराकर मांगे जा रहे हैं पैसे

सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक चेतावनी में बताया गया है कि इन फर्जी वेबसाइट्स पर जैसे ही कोई यूजर जाता है, वहां एक डरावना पॉप-अप (Pop-up Message) सामने आता है। इसमें दावा किया जाता है कि अवैध गतिविधियों के कारण 'आपका डिवाइस ब्लॉक कर दिया गया है'। इसके बाद फोन या लैपटॉप को दोबारा अनलॉक करने के नाम पर एक लिंक दिया जाता है और भारी-भरकम जुर्माने या पैसों की डिमांड की जाती है।

सरकार की सख्त हिदायत: ऐसी किसी भी स्थिति में आपको बिल्कुल भी घबराना नहीं है। ना ही उस फर्जी पेज पर अपनी कोई पर्सनल जानकारी शेयर करनी है और न ही कोई ऑनलाइन पेमेंट करनी है। याद रखें कि भारत सरकार का असली साइबर पोर्टल कभी भी किसी पॉप-अप या रैंडम लिंक के जरिए पैसों की मांग नहीं करता है।

फर्जी वेबसाइट और असली पोर्टल में कैसे पहचानें अंतर? (बचाव के तरीके)

अगर आप किसी भी प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड से बचना चाहते हैं, तो सरकार द्वारा बताए गए इन ४ महत्वपूर्ण सुरक्षा नियमों का हमेशा पालन करें:

URL को हमेशा चेक करें: साइबर अपराध की सुरक्षित और सही रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सर्च इंजन पर भरोसा करने के बजाय सीधे अपने ब्राउज़र के एड्रेस बार में [http://cybercrime.gov.in](http://cybercrime.gov.in) टाइप करके सर्च करें। यह सीधे आपको भारत सरकार के आधिकारिक और सुरक्षित पोर्टल पर ले जाएगा।

ब्लॉकिंग पॉप-अप्स को करें इग्नोर: यदि किसी वेबसाइट पर स्क्रीन ब्लॉक होने या डिवाइस सीज होने का मैसेज आए, तो तुरंत उस टैब को बंद कर दें। यह पूरी तरह से फर्जी होता है।

"Check & Report" सेक्शन का करें इस्तेमाल: अगर आपको इंटरनेट पर कोई संदिग्ध लिंक या फर्जी सरकारी वेबसाइट दिखाई देती है, तो असली पोर्टल [http://cybercrime.gov.in](http://cybercrime.gov.in) के "Check & Report" सेक्शन में जाकर उसकी शिकायत दर्ज कराएं।

तुरंत डायल करें 1930: यदि आप किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड या वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं, तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और अपनी शिकायत दर्ज करवाएं ताकि आपका पैसा ब्लॉक कराया जा सके।