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July 03 2026 06:42 am

थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पहली मुलाकात, सेना के आधुनिकीकरण और सुरक्षा पर महामंथन

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भारतीय थलसेना (Indian Army) के नए प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित रक्षा मंत्रालय (कर्तव्य भवन-2) में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से औपचारिक शिष्टाचार भेंट की। थलसेना प्रमुख का सर्वोच्च पदभार संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ की रक्षा मंत्री के साथ यह पहली आधिकारिक मुलाकात थी। इस बैठक को आने वाले समय में भारतीय सेना की रणनीतिक दिशा, सीमाओं पर सुरक्षा प्रबंधन और सैन्य आधुनिकीकरण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रक्षा मंत्री ने दीं शुभकामनाएं, इन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

मुलाकात के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना की कमान संभालने पर बधाई और उज्जवल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित रणनीतिक बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया:

परिचालन तैयारियां: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) और नियंत्रण रेखा (LoC) सहित देश की सीमाओं पर भारतीय सेना की वर्तमान परिचालन तत्परता की समीक्षा।

आधुनिकीकरण व आत्मनिर्भरता: सेना में स्वदेशी रक्षा प्रणालियों (Make in India in Defense) को बढ़ावा देने और विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम करने का रोडमैप।

सैन्य संयुक्तता (Jointness): थलसेना, नौसेना (Navy) और वायुसेना (Air Force) के बीच थिएटर कमान की दिशा में संयुक्तता को और मजबूत करना।

क्या है जनरल धीरज सेठ का 'विजय' विजन?

पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद जनरल धीरज सेठ ने बुधवार को भारतीय सेना के लिए 'विजय' नामक अपना महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण (Vision) प्रस्तुत किया था, जिस पर रक्षा मंत्री के साथ बैठक में भी चर्चा हुई।

इस विजन के मुख्य स्तंभ निम्नलिखित हैं:

अत्याधुनिक तकनीक: भारतीय थलसेना को रिमोट, सैटेलाइट और अत्याधुनिक तकनीकों से पूरी तरह लैस करना।

AI आधारित क्षमताएं: युद्धक्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा-संचालित सैन्य क्षमताओं का तेजी से विस्तार करना।

'जय से विजय' का मंत्र: उनका यह मार्गदर्शक मंत्र सैन्य नवाचार (Innovation), संयुक्तता और अटूट आत्मनिर्भरता के माध्यम से भारतीय सेना को बहु-क्षेत्रीय युद्धक्षेत्र (Multi-Domain Battlefield) में हर चुनौती से निपटने के योग्य बनाने का संदेश देता है।

उप प्रमुख से सेना प्रमुख तक: कौन हैं जनरल धीरज सेठ?

जनरल धीरज सेठ का सैन्य करियर बेहद शानदार और विभिन्न मोर्चों पर वीरता से भरा रहा है:

31वें थलसेना प्रमुख: उन्होंने 30 जून 2026 को भारतीय थलसेना के 31वें प्रमुख के रूप में आधिकारिक तौर पर पदभार ग्रहण किया है।

पूर्व अनुभव: सेना प्रमुख बनने से पहले वह थलसेना के उप प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

सैन्य ऑपरेशन्स: उन्हें भारत के पश्चिमी रेगिस्तानी क्षेत्रों से लेकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी (Counter-Terrorism) अभियानों को सफलतापूर्वक संचालित करने का व्यापक व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है।

पदभार ग्रहण: निवर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी (PVSM, AVSM) के 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त (Retire) होने के बाद जनरल सेठ ने कमान संभाली।

पदभार संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ ने गर्व और विनम्रता व्यक्त करते हुए कहा कि, > “भारतीय सेना का नेतृत्व करना मेरे लिए सर्वोच्च सम्मान की बात है। मैं 'कर्तव्य, सम्मान और राष्ट्र सर्वोपरि' के सिद्धांतों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराता हूँ और देश की अखंडता की रक्षा के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने का संकल्प लेता हूँ।”