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September 12 2026 06:11 pm

गोमती पुस्तक महोत्सव के शुभारंभ पर युवाओं को सीएम योगी का बड़ा संदेश

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साहित्य, संस्कृति और ज्ञान के सबसे बड़े समागम यानी 'गोमती पुस्तक महोत्सव-2026' के पांचवें संस्करण का भव्य आगाज हो गया है। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित नौ दिवसीय इस ज्ञान महाकुंभ का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ पुस्तक मेले का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद हजारों छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों और युवाओं को जीवन में किताबों की महत्ता और उद्देश्यपूर्ण लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित किया। सीएम योगी ने युवाओं में नया जोश भरते हुए कहा कि जिंदगी में कोई भी मंजिल कठिन या असंभव नहीं होती, बशर्ते इंसान अपने पुरुषार्थ और लगन से अपनी राह खुद तैयार करे। उन्होंने आधुनिक दौर में स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से बचते हुए किताबों को अपना सच्चा मित्र बनाने का आह्वान किया।

'केवल पाठ्यक्रम से संपूर्ण ज्ञान नहीं मिलता': समाज को समझने के लिए किताबों से जुड़ें युवा

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं को सिर्फ कॉलेज और स्कूल के पाठ्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। औपचारिक शिक्षा डिग्रियां दिला सकती है, लेकिन देश, समाज और मानवीय संवेदनाओं को गहराई से समझने के लिए विभिन्न विषयों की पुस्तकों का अध्ययन अनिवार्य है। सीएम ने कहा कि आज का युवा सुविधाओं के सबसे समृद्ध दौर में जी रहा है, ऐसे में इन संसाधनों का सदुपयोग अपनी बौद्धिक क्षमता को निखारने में किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक 'एग्जाम वॉरियर्स' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह किताब हर बच्चे और युवा को तनावमुक्त रहने तथा जीवन की चुनौतियों से लड़ने का व्यावहारिक हौसला देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे घर में अपना एक छोटा 'बुक बैंक' जरूर बनाएं, जिसमें साहित्य, धार्मिक ग्रंथ, महापुरुषों की जीवनियां, वैज्ञानिकों के शोध और प्रेरक यात्रा वृतांत शामिल हों। खाली समय में किताबों के पन्ने पलटने से युवाओं के भीतर रचनात्मकता और मौलिक सोच का विकास होता है।

नैमिषारण्य, काशी और प्रयागराज की ज्ञान परंपरा को किया याद

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को रेखांकित करते हुए कहा कि यह प्रदेश अनादि काल से ज्ञान, चिंतन और दर्शन की पावन भूमि रहा है। उन्होंने 88 हजार ऋषियों की तपोभूमि नैमिषारण्य, मोक्षदायिनी काशी और त्रिवेणी संगम प्रयागराज की ज्ञान परंपरा का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारी ऋषि परंपरा ने सदैव ज्ञान को बांटने और बढ़ाने का कार्य किया। सीएम योगी ने बताया कि जब नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) की ओर से लखनऊ में पुस्तक महोत्सव के आयोजन का प्रस्ताव आया था, तो सरकार ने इसे सहर्ष स्वीकार किया ताकि राजधानी के बौद्धिक वातावरण को एक जीवंत मंच मिल सके। पहले संस्करण से मिली शानदार सफलता के बाद अब इसका पांचवां संस्करण आयोजित हो रहा है और सरकार प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी इसी तर्ज पर पुस्तक मेलों के विस्तार पर काम कर रही है।

250 से अधिक स्टॉल्स और 121 प्रकाशकों का महासंगम, प्रवेश पूरी तरह निशुल्क

नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT), उत्तर प्रदेश सरकार और लखनऊ विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह पुस्तक महोत्सव 12 से 20 सितंबर तक चलेगा। इस बार मेले का दायरा और भी भव्य रखा गया है, जिसमें देश भर के 121 प्रमुख प्रकाशकों द्वारा करीब 250 पुस्तक स्टॉल लगाए गए हैं। किताबों के शौकीनों के लिए सबसे खास बात यह है कि मेले में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है। यहां पाठकों को हिंदी, अंग्रेजी, अवधी, उर्दू, संस्कृत समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं की लाखों पुस्तकें एक ही छत के नीचे 10 प्रतिशत तक की विशेष छूट पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से लेकर बाल साहित्य, दर्शन, इतिहास, विज्ञान और तकनीक के पाठकों के लिए अलग-अलग सेक्शन तैयार किए गए हैं। इसके अलावा 'राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय' के जरिए 3,000 से अधिक डिजिटल पुस्तकों तक मुफ्त पहुंच का अनुभव भी आगंतुकों को मिल रहा है।

बाल मंडप, साहित्यिक संवाद और अंतरिक्ष से लेकर लोकगीत तक के विशेष सत्र

नौ दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक साहित्यिक परिचर्चाएं, पुस्तक विमोचन, काव्य पाठ और सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित होंगी। बच्चों के लिए विशेष 'बाल मंडप' स्थापित किया गया है, जहां कहानी सुनाने, चित्रकला और वैज्ञानिक प्रयोगों के सत्र होंगे। महोत्सव में कई राष्ट्रीय हस्तियां शिरकत कर रही हैं, जिनमें भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला युवाओं और बच्चों के साथ अंतरिक्ष की यात्रा पर संवाद करेंगे। वहीं प्रख्यात लोकगायिका मालिनी अवस्थी लोकगीतों की विरासत पर चर्चा करेंगी और चर्चित लेखक शांतनु गुप्ता व अन्य साहित्यकार विभिन्न समसामयिक विषयों पर व्याख्यान देंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति, एनबीटी के अध्यक्ष, उच्च शिक्षा व बेसिक शिक्षा मंत्री सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। 'पढ़े लखनऊ, बढ़े लखनऊ' के नारे के साथ शुरू हुआ यह आयोजन राजधानी में पुस्तक संस्कृति को नई ऊर्जा देने का काम कर रहा है।