'हां, वह दबाव में थे': राघव चड्ढा पर CM भगवंत मान का बड़ा बयान; बोले- "पार्टी व्हिप के खिलाफ जाने पर होगी कार्रवाई"

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India News Live,Digital Desk : आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मची आंतरिक कलह अब पूरी तरह सार्वजनिक हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की तीखी आलोचना करते हुए उन्हें 'दबाव में काम करने वाला' नेता करार दिया। चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चड्ढा पार्टी की नीतियों और 'व्हिप' (Whip) के विपरीत जाकर काम कर रहे थे, जिसके कारण उन पर कार्रवाई की गई है।

"पीएम मोदी से डरने वाला क्या देश के लिए लड़ेगा?"

मुख्यमंत्री मान ने राघव चड्ढा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्हें कई मोर्चों पर घेरा:

राष्ट्रीय मुद्दों पर चुप्पी: मान ने आरोप लगाया कि चड्ढा पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के नाम हटाए जाने, एमएसपी (MSP), जीएसटी (GST) और गुजरात में 160 आप कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी जैसे गंभीर मुद्दों पर संसद में आवाज उठाने से बचते रहे हैं।

पार्टी व्हिप का उल्लंघन: उन्होंने कहा कि जब विपक्ष सामूहिक रूप से संसद से वॉकआउट करने का फैसला लेता है, तो चड्ढा निर्देशों का पालन नहीं करते। "अगर कोई पार्टी की नीति से परे जाता है, तो यह व्हिप का उल्लंघन है और इस पर कार्रवाई निश्चित है।"

सॉफ्ट पीआर का आरोप: पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी चड्ढा पर तंज कसते हुए कहा कि वह देश के लिए लड़ने के बजाय अपने व्यक्तिगत प्रचार-प्रसार (PR) और 'समोसे-पिज्जा' जैसे हल्के मुद्दों में लगे रहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरने वाला व्यक्ति देश के लिए लड़ सकता है?"

पद से हटाए जाने को बताया 'सामान्य प्रक्रिया'

हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उप-नेता पद से हटा दिया गया था। इस पर चड्ढा ने कहा था कि "उन्हें चुप कराया गया है, हराया नहीं।"

मान का जवाब: मुख्यमंत्री ने चड्ढा के दावे को खारिज करते हुए कहा कि संसदीय दल के नेताओं को बदलना कोई नई या असामान्य बात नहीं है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे 2014 में डॉ. धर्मवीर गांधी के बाद उन्होंने खुद यह जिम्मेदारी संभाली थी।

गुजरात के कार्यकर्ताओं के लिए आर-पार

भगवंत मान ने यह भी साफ कर दिया कि वह गुजरात में गिरफ्तार हुए अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के मामले को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी अब उन चेहरों को आगे लाएगी जो बिना डरे केंद्र की नीतियों के खिलाफ मजबूती से खड़े हो सकें।

मुख्य बिंदु:

CM का आरोप: राघव चड्ढा दबाव में काम कर रहे थे और पार्टी लाइन से भटक गए थे।

अनुशासन: पार्टी व्हिप के उल्लंघन पर चड्ढा के खिलाफ आगे भी कार्रवाई के संकेत।

मुद्दे: एमएसपी, जीएसटी और गुजरात गिरफ्तारी पर चड्ढा की चुप्पी बनी विवाद की जड़।

बदलाव: राज्यसभा में पद से हटाना पार्टी की एक रणनीतिक और सामान्य प्रक्रिया।

इस बयानबाजी के बाद यह साफ हो गया है कि राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बीच की दूरियां अब केवल वैचारिक नहीं, बल्कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के मोड़ पर पहुंच चुकी हैं।