पूछताछ में ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी के रोंगटे खड़े करने वाले खुलासे
फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 (दुबई से तेल अवीव) के कॉकपिट में हुए जानलेवा हमले और अपहरण के प्रयास के मामले में गिरफ्तार मुख्य संदिग्ध 29 वर्षीय ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने सुरक्षा एजेंसियों की गहन पूछताछ में सनसनीखेज कबूलनामा किया है। जांचकर्ताओं के सामने आरोपी ने बेखौफ होकर स्वीकार किया कि यह कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि उसने फ्लाईदुबई एयरलाइन में भर्ती होने से काफी पहले ही इस भीषण आत्मघाती हमले की साजिश का खाका खींच लिया था।
संयुक्त खुफिया और आतंकवाद-रोधी दस्तों द्वारा की जा रही पूछताछ में आरोपी द्वारा किए गए मुख्य खुलासे इस प्रकार हैं:
1. 'नौकरी हासिल करना साजिश का पहला कदम था'
पूछताछ के दौरान अल-हमामी ने अधिकारियों को बताया कि उसका अंतिम लक्ष्य किसी बड़े नागरिक विमान का नियंत्रण हासिल कर उसे सामूहिक तबाही के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना था।
एयरलाइन का चयन: उसने जानबूझकर उस एयरलाइन और रूट को चुना जो यूएई और इजरायल के बीच संचालित होती थी।
अब्राहम अकॉर्ड्स से नाराजगी: आरोपी ने स्वीकार किया कि वह खाड़ी देशों और इजरायल के बीच सामान्य होते राजनयिक संबंधों से गहरे वैचारिक विरोध में था और इसका 'बदला' लेने के लिए उसने खुद को एक स्लीपर एजेंट के रूप में तैयार किया।
2. भर्ती प्रक्रिया और सुरक्षा जांच को चकमा देने की योजना
जब जांचकर्ताओं ने पूछा कि ओमान में संदिग्ध प्रोफाइल और निगरानी के बावजूद वह फ्लाईदुबई के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा, तो उसने बताया:
'क्लीन इमेज' का ढोंग: भर्ती प्रक्रिया, सिमुलेटर टेस्ट और मेडिकल जांच के दौरान उसने जानबूझकर अपने कट्टरपंथी विचारों, सोशल मीडिया गतिविधियों और व्यक्तिगत संपर्कों को पूरी तरह दबाकर रखा ताकि किसी बैकग्राउंड वेरिफिकेशन में कोई 'रेड फ्लैग' न आए।
रोस्टर का इंतजार: वह महीनों से ऐसे रोस्टर और फ्लाइट शेड्यूल की प्रतीक्षा में था, जिसमें उसे तेल अवीव सेक्टर की उड़ान मिले और कॉकपिट में परिस्थितियां उसके अनुकूल हों।
3. कॉकपिट में हमले की क्रूर टाइमिंग
अल-हमामी ने कबूल किया कि उसने हमला करने के लिए 36,000 फीट की क्रूजिंग एल्टीट्यूड का वक्त इसलिए चुना क्योंकि उस ऊंचाई पर विमान को पूरी तरह से रिकवर करना तकनीकी रूप से सबसे कठिन होता है।
कैप्टन को रास्ते से हटाना: उसने माना कि उसका पहला काम मुख्य कैप्टन स्मित मच्छार को पूरी तरह निष्क्रिय करना था, जिसके लिए उसने कॉकपिट क्रैश एक्स का इस्तेमाल किया।
इंजन बंद कर डाइव कराना: कैप्टन पर वार करने के तुरंत बाद उसने दोनों इंजनों का फ्यूल कटऑफ किया और कंट्रोल कॉलम को आगे धकेल दिया ताकि विमान इतनी तेजी से नीचे गिरे कि बाहर से कोई भी दरवाजा तोड़कर अंदर न आ सके।
उसका इरादा विमान को तेल अवीव की घनी आबादी वाली कमर्शियल इमारत से टकराना था, और उसे अपने या यात्रियों के मारे जाने का कोई पछतावा नहीं था।
4. 'ऑफ-ड्यूटी पायलटों की मौजूदगी ने खेल बिगाड़ दिया'
पूछताछ में अल-हमामी ने यह भी स्वीकार किया कि उसकी पूरी योजना में केवल एक चीज अनपेक्षित थी—पैसेंजर केबिन में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी (डेडहेडिंग) पायलट।
आरोपी के अनुसार, उसे उम्मीद थी कि घायल कैप्टन के बाद केबिन क्रू या आम यात्री कॉकपिट का भारी दरवाजा नहीं तोड़ पाएंगे।
लेकिन लहूलुहान कैप्टन द्वारा दरवाजा अटकाने और पीछे बैठे दोनों तकनीकी रूप से प्रशिक्षित पायलटों द्वारा तुरंत धावा बोलने से उसकी योजना धरी की धरी रह गई।
सुरक्षा एजेंसियां अब अल-हमामी के फोन और डार्क वेब संपर्कों की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि एयरलाइन में आवेदन करने के दौरान उसे किसी विदेशी हैंडलर या संगठित आतंकी सिंडिकेट से लॉजिस्टिक मदद मिल रही थी या नहीं।