मुलायम-अखिलेश की विवादित होर्डिंग से बाराबंकी में बवाल, भड़के सपाइयों ने फाड़े पोस्टर
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक बड़ी और संवेदनशील राजनीतिक खबर सामने आ रही है। मंगलवार सुबह शहर थाना क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की एक विवादित होर्डिंग लगाए जाने के बाद जिले का सियासी पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
हाईवे पर लिखी थीं आपत्तिजनक बातें, सपाइयों ने काटा हंगामा
यह पूरा मामला नगर क्षेत्र के अंतर्गत लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर पल्हरी के पास का है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 7:00 बजे राहगीरों और स्थानीय लोगों की नजर इस होर्डिंग पर पड़ी। होर्डिंग में दोनों शीर्ष नेताओं (मुलायम-अखिलेश) की तस्वीरों के साथ बेहद आपत्तिजनक स्लोगन लिखे गए थे। साथ ही, पोस्टर में अयोध्या और कारसेवकों से जुड़े पुराने विवादित बयानों का भी जिक्र किया गया था।
मौके पर पहुंचे नेता, फाड़कर हटाई होर्डिंग
जैसे ही इस विवादित पोस्टर की भनक समाजवादी पार्टी के खेमे में लगी, कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। सूचना मिलते ही सपा नेता ताज बाबा राईन अपने दर्जनों समर्थकों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने इसे जिले का शांतिपूर्ण और राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया। भारी विरोध प्रदर्शन के बीच उग्र कार्यकर्ताओं ने होर्डिंग को मौके पर ही पूरी तरह से फाड़कर हटा दिया। हंगामे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस भी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई।
पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम: शाम को सौंपेंगे ज्ञापन
इस पूरे सियासी संग्राम पर सख्त रुख अपनाते हुए सपा के जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व बाराबंकी की ऐतिहासिक गंगा-जमुनी तहजीब को जानबूझकर चोट पहुंचाना चाहते हैं। सपा नेताओं ने मांग की है कि पुलिस प्रशासन तत्काल इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और दोषियों को चिह्नित कर सलाखों के पीछे भेजे।
सपा जिलाध्यक्ष ने साफ चेतावनी दी है कि इस मामले को लेकर मंगलवार शाम को पुलिस प्रशासन को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा जाएगा। अगर प्रशासन ने इस पर समय रहते गंभीरता से कड़ा एक्शन नहीं लिया, तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कानूनी पड़ताल में जुट गई है।