150 से ज्यादा यात्रियों की अटकी सांसें, चेन्नई एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी के बीच पायलट ने कराई सुरक्षित लैंडिंग, बड़ा हादसा टला!
भारतीय एविएशन सेक्टर से एक बार फिर सांसें रोक देने वाली खबर सामने आई है। चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंडिगो एयरलाइंस (IndiGo Airlines) की एक कमर्शियल पैसेंजर फ्लाइट में हवा में उड़ान के दौरान अचानक मिड-एयर इंजन फेलियर (Mid-Air Engine Failure) का मामला सामने आया है। विमान में 150 से अधिक यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे। जैसे ही विमान का एक इंजन हवा में बंद (Shut Down) हुआ, कॉकपिट में खतरे का अलार्म बज उठा और स्थिति गंभीर हो गई। हालांकि, पायलटों ने बिना समय गंवाए चेन्नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया और तत्काल इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। एटीसी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे चेन्नई एयरपोर्ट पर 'फुल इमरजेंसी' (Full Emergency) लागू कर दी, जिसके बाद पायलट की सूझबूझ से विमान को चेन्नई रनवे पर सुरक्षित उतार लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंडिगो का यह विमान अपने गंतव्य की ओर सामान्य ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था। टेक-ऑफ के कुछ ही समय बाद, जब विमान आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर था, तभी क्रू को विमान के एक इंजन में असामान्य कंपन और तकनीकी खराबी (Technical Snag) के संकेत मिले। कुछ ही सेकेंड्स में इंजन ने काम करना बंद कर दिया या सुरक्षा मानकों के तहत पायलटों को उसे मैनुअली बंद करना पड़ा। हवा में अचानक झटका महसूस होने और इंजन से अजीब आवाजें आने के कारण केबिन के भीतर सवार यात्रियों में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्री अपनी सीटों पर घबराकर प्रार्थनाएं करने लगे।
इंजन में खराबी का अहसास होते ही कॉकपिट क्रू ने अंतरराष्ट्रीय एविएशन प्रोटोकॉल के तहत तुरंत संकट का संदेश (Mayday / PAN-PAN Call) चेन्नई एटीसी को भेजा। चेन्नई हवाई अड्डे पर जैसे ही 'फुल इमरजेंसी' का अलार्म बजा, पूरे एयरपोर्ट प्रशासन में हड़कंप मच गया। रनवे के किनारे तुरंत दर्जनों फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, इमरजेंसी क्रैश टेंडर्स, मेडिकल एम्बुलेंस और एयरपोर्ट सिक्योरिटी की टीमों को तैनात कर दिया गया। किसी भी संभावित दुर्घटना या आगजनी से निपटने के लिए अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर को भी हाई अलर्ट पर रख दिया गया था।
आकाश में सहमे यात्री, जमीन पर अलर्ट: चेन्नई एयरपोर्ट की रेस्क्यू टीम और पायलट की सूझबूझ ने ऐसे टाला बड़ा हादसा
एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों ने चेन्नई आने और जाने वाली अन्य सभी उड़ानों को होल्डिंग पैटर्न में डाल दिया या उनका मार्ग बदल दिया, ताकि इंडिगो के इस प्रभावित विमान को लैंडिंग के लिए क्लियर और प्राथमिकता वाला रनवे (Priority Runway) मिल सके। आधुनिक वाणिज्यिक एयरबस और बोइंग विमानों को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि वे केवल एक इंजन के सहारे (Single-Engine Operation) भी काफी दूरी तय कर सकते हैं और सुरक्षित लैंडिंग करने में सक्षम होते हैं। पायलटों ने अपने गहन प्रशिक्षण और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए सिंगल-इंजन लैंडिंग प्रोटोकॉल का पालन किया।
विमान जैसे ही चेन्नई एयरपोर्ट के रनवे पर उतरा, एम्बुलेंस और फायर टेंडर्स ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। सभी यात्रियों को विमान के पूरी तरह रुकने के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को कोई चोट नहीं आई और एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। एयरपोर्ट से बाहर आए यात्रियों ने राहत की सांस ली और पायलटों की सूझबूझ तथा त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की सराहना की। यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेजने के लिए एयरलाइन द्वारा वैकल्पिक विमान (Alternative Flight) और भोजन का इंतजाम कराया गया।
इस घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। डीजीसीए ने घटना के विस्तृत कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति के गठन का आदेश दिया है। उड्डयन सुरक्षा नियामक (Aviation Safety Regulator) के अधिकारी विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR - ब्लैक बॉक्स) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) को जब्त कर जांच कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इंजन फेल होने की मुख्य वजह क्या थी—क्या यह कोई मैकेनिकल फॉल्ट था, फ्यूल सप्लाई में दिक्कत थी, या फिर पक्षी के टकराने (Bird Strike) जैसी कोई बाह्य घटना थी।
इंडिगो एयरलाइंस की ओर से भी आधिकारिक बयान जारी किया गया है। एयरलाइन प्रवक्ता ने कहा, "चेन्नई से उड़ान भरने/आने वाली फ्लाइट में तकनीकी खराबी और इंजन में समस्या के कारण एहतियातन इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हमारे प्रशिक्षित पायलटों ने सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का पालन किया और विमान को सुरक्षित उतार लिया। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है, लेकिन हमारे लिए यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोपरि है।" फिलहाल प्रभावित विमान को ग्राउंडेड (Grounded) कर दिया गया है और इंडिगो तथा इंजन निर्माता कंपनी के इंजीनियरों की टीम उसकी गहन जांच में जुटी हुई है।