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July 29 2026 01:47 pm

सड़कों पर पिट रहे प्रदर्शनकारियों को देख भड़कीं बीजेपी सांसद कंगना रनौत, बोलीं- 'हर एक्शन का रिएक्शन होता है', Gen Z पर फिर बोला तीखा हमला

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हालिया कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) छात्र और युवा आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने एक बार फिर बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अपनाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी स्टोरी शेयर करते हुए कंगना ने सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और रील्स बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को सख्त लहजे में आड़े हाथों लिया। सार्वजनिक संपत्ति को पहुंचाए गए नुकसान और सोशल मीडिया पर इस्तेमाल की गई अमर्यादित भाषा पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि विज्ञान का नियम समाज में भी लागू होता है—'हर एक्शन का बराबर और उल्टा रिएक्शन होता है।'

'जो बोला है, अब सुनना भी पड़ेगा': इंस्टाग्राम स्टोरी में जताई नाराजगी

अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में कंगना ने प्रदर्शनकारियों और आम जनता के बीच हो रही तनातनी का जिक्र करते हुए लिखा कि अगर प्रदर्शनकारी सड़कों पर जनता का गुस्सा झेल रहे हैं, तो उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि जब आप बोलेंगे तो सामने से सुनना भी पड़ेगा। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि आप सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाएंगे, तो वही आक्रोशित जनता आपको भी नुकसान पहुंचाएगी। कंगना के अनुसार, जो लोग लोकतंत्र में वोट की ताकत से चुनी गई सरकार और देश के नेतृत्व को सार्वजनिक रूप से गालियां दे रहे हैं, उन्हें अब देशप्रेमी जनता की बात भी सुननी पड़ेगी। पढ़ाई-लिखाई का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 'कारण और प्रभाव' (Cause and Effect) का सिद्धांत अगर किताबों से समझ नहीं आया, तो अब जमीनी हकीकत से बहुत अच्छे से समझ आ जाएगा।

Gen Z को बताया 'गटर जनरेशन', वीडियो देखकर जताई घृणा

बीजेपी सांसद का गुस्सा यहीं नहीं थमा। 36 दिनों तक चले CJP आंदोलन के बाद, जिसके कारण केंद्र सरकार ने कई मांगें मानी थीं और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया था, कंगना ने युवा पीढ़ी (Gen Z) के प्रदर्शन के तरीकों पर कड़ा सवाल उठाया। उन्होंने इस युवा पीढ़ी को "जनरेशन गटर" करार दिया और कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में एक ही जगह पर इतनी बदसूरती और भद्दा व्यवहार कभी नहीं देखा। प्रदर्शन के वीडियो देखकर उन्हें उल्टी आने जैसा महसूस हुआ।

संस्कृति, डिजिटल डिटॉक्स और बढ़ता विवाद

भारत को खूबसूरत, सभ्य और संस्कारी लोगों का देश बताते हुए कंगना ने आंदोलन में शामिल युवतियों के व्यवहार पर भी गहरा अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि खुद को कॉकरोच कहना और वैसा ही व्यवहार करना बेहद परेशान करने वाला है। इन वीडियो को देखने के बाद वे मानसिक रूप से काफी आहत हुई हैं और अब उन्हें 'डिजिटल डिटॉक्स' की जरूरत महसूस हो रही है। कंगना रनौत के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, जहां एक पक्ष उनके बेबाक बयान का समर्थन कर रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे लोकतांत्रिक विरोध करने वाले छात्रों का अपमान बता रहा है।