यूपी के 8 लाख शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब जल्द मिलेगी ₹5 लाख की कैशलेस इलाज सुविधा

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए योगी सरकार की तरफ से एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार के वादे के मुताबिक, अब जल्द ही इन कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा (Cashless Treatment Facility) का लाभ मिलने जा रहा है। नवनियुक्त बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने कार्यभार संभालते ही इस दिशा में कड़ा रुख अपनाया है और राज्य के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को इस संबंध में तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।

नए बेसिक शिक्षा निदेशक का एक्शन, 'हिंदुस्तान' की खबर का बड़ा असर

दरअसल, बीते शनिवार को 'हिंदुस्तान' अखबार ने "आठ लाख शिक्षक- कर्मियों के नहीं बने आयुष्मान कार्ड" शीर्षक से इस मुद्दे को प्रमुखता से उजागर किया था। पूर्व में भी इस गंभीर विषय को अखबार द्वारा लगातार उठाया जाता रहा है। नए बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने इस खबर का कड़ा संज्ञान लेते हुए मंगलवार को तत्काल आदेश जारी कर दिया। इस आदेश के तहत योजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर शुरू हो गई है।

4 जून को लखनऊ में होगी हाई-लेवल ट्रेनिंग

आदेश के मुताबिक, आगामी 4 जून 2026 को दोपहर 12 बजे बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस ट्रेनिंग में 'साचीज' (SACHIS) के शीर्ष तकनीकी विशेषज्ञ संबंधित विभागीय कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया और योजना के सफल संचालन की बारीकियां समझाएंगे। इस बैठक में प्रदेश के सभी जिलों से एक-एक नोडल अधिकारी अनिवार्य रूप से शामिल होंगे, ताकि बिना किसी देरी के इस कल्याणकारी योजना का लाभ असली पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सके।

इन कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

योगी सरकार की इस कैशलेस योजना के दायरे में उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के अलावा, परिषद से मान्यता प्राप्त अनुदानित और स्ववित्तपोषित (Self-Financed) विद्यालयों के कर्मचारी भी शामिल होंगे। योजना का लाभ मुख्य रूप से इन्हें मिलेगा:

नियमित शिक्षक और अनुदेशक

शिक्षामित्र और विशेष शिक्षक (CWDN)

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) की वार्डेन एवं पूर्णकालिक शिक्षक

प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड-डे मील) के तहत काम करने वाले रसोइये और इन सभी के आश्रित परिवार के सदस्य।

₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज और शिक्षामित्रों को जीवन बीमा का सुरक्षा कवच

इस ऐतिहासिक सुविधा के तहत सभी चिन्हित शिक्षकों और कर्मचारियों का ₹5 लाख तक का सालाना इलाज पूरी तरह से कैशलेस और मुफ्त होगा। इस साल जनवरी में हुई योगी कैबिनेट की बैठक में इस बड़े प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई थी। सबसे खास बात यह है कि योगी सरकार ने मानदेय पर काम करने वाले शिक्षामित्रों को भी आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर इसमें शामिल किया है।

योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थी कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों और सरकार द्वारा सूचीबद्ध (Empaneled) निजी बड़े अस्पतालों में बिना जेब से पैसे दिए करा सकेंगे। इसके साथ ही, योगी सरकार ने शिक्षामित्रों को बड़ी सामाजिक सुरक्षा देते हुए जीवन बीमा (Life Insurance) और दुर्घटना कवर देने का भी ऐलान किया है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को भटकना न पड़े और तुरंत आर्थिक सहायता मिल सके।